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Maharashtra: उद्धव गुट से पहले ही सुप्रीम कोर्ट पहुंचे एकनाथ शिंदे, शिवसेना को लेकर अब खेला यह दांव

Sun, 19 Feb 2023 11:47 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

एकनाथ शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि शिवसेना मामले पर कोई भी फैसला सुनाने से पहले शीर्ष अदालत महाराष्ट्र सरकार की दलील को भी सुने। 
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एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उद्धव ठाकरे के हाथ से शिवसेना की कमान, उसका नाम और चुनाव चिह्न छीनने के बाद भी एकनाथ शिंदे शांत बैठने वाले नहीं हैं। शिवसेना को लेकर चुनाव आयोग के फैसले को कायम रखने के लिए वह हर एक चाल चल रहे हैं, जो उनके लिए जरूरी है। अब खबर है कि एकनाथ शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट याचिका दायर की है। 

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इस याचिका में कहा गया है कि चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने के लिए उद्धव गुट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष गुहार लगा सकता है। ऐसे में इस मामले में कोई भी फैसला सुनाने से पहले शीर्ष अदालत महाराष्ट्र सरकार की दलील को भी सुने। 

उद्धव जा सकते हैं सुप्रीम कोर्ट
दरसअल, शिवसेना को लेकर चुनाव आयोग के फैसले के तुरंत बाद उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट जाने के संकेत दे दिए थे। माना जा रहा है कि सोमवार को ठाकरे गुट इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकता है। ऐसे में ठाकरे गुट के किसी भी कदम से पहले ही शिंदे खेमा सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। 
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शाखाओं पर है शिंदे की नजर 
शिवसेना की शाखाओं को पार्टी का आधार और रीढ़ माना जाता है। जब तक शाखाएं हैं, ठाकरे परिवार महाराष्ट्र की राजनीति में कभी भी वापसी कर सकती है। ऐसे में पर्यवेक्षकों का मानना है कि शिंदे गुट की नजर अब इसी पर है। वह धीरे-धीरे, चरणबद्ध तरीके से शाखाओं पर कब्जा कर सकती है। बीते शुक्रवार को रत्नागिरी के दापोली में भी स्थानीय शाखा पर नियंत्रण को लेकर दोनों गुटों के बीच झड़प हुई थी। उधर, उद्धव गुट के नेताओं का कहना है कि शाखा नेटवर्क उनके साथ है और वह कहीं नहीं जाएगा। 

किसका होगा शिवसेना भवन
शिवसेना का केंद्रीय कार्यालय दादर स्थित शिवसेना भवन किसका होगा यह बड़ा सवाल है। इस भवन का बाजार मूल्य करीब 300 करोड़ रुपये आंका जा रहा है। विधान भवन स्थित कार्यालय और प्रदेश कार्यालय शिवालय को लेकर भी इसी तरह के सवाल उठे हैं। जानकारी के अनुसार शिवसेना भवन शिवाई ट्रस्ट का है, जिसके अध्यक्ष लीलाधर डाके हैं। इसलिए शिवसेना भवन पर उद्धव का कब्जा बरकरार रहने की संभावना है, लेकिन विधान भवन और शिवालय समेत बीएमसी कार्यालय पर शिंदे गुट दावा कर सकता है।

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