महाराष्ट्र के सांगली में साधुओं से मारपीट
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महाराष्ट्र में आए दिन साधुओं से मारपीट की घटना बढ़ती ही जा रही है। ताजा मामला है सांगली का जहां ग्रामीणों ने 'बच्चा चोर' समझकर चार साधुओं की बेरहमी से पिटाई कर दी। यह घटना मंगलवार की है। पुलिस के अनुसार चारों साधु उत्तर प्रदेश के मथुरा के रहने वाले हैं और कर्नाटक के बीजापुर से पंढरपुर दर्शन के लिए जा रहे थे।
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए 18 से 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बीच खबर है कि खुद डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। वे फिलहाल रूस दौरे पर हैं। इसके बावजूद मामले की जानकारी मिलते ही उन्होंने राज्य के डीजीपी को फोन किया और दोषियों से सख्ती से निपटने की सलाह दी।
गाड़ी से उतारकर साधुओं के ऊपर बरसाए लाठी-डंडे
सांगली के पुलिस अधीक्षक दीक्षित कुमार गेडाम ने बुधवार को कहा, मंगलवार को सांगली की जट तहसील के लवंगा गांव में भीड़ ने साधुओं पर हमला किया था। साधु कर्नाटक के बीजापुर से पंढरपुर जा रहे थे। वे सोमवार को एक मंदिर में ठहरे थे। मंगलवार को वहां से गुजरते वक्त साधु ने एक लड़के से रास्ता पूछा। इससे कुछ लोगों को संदेह हुआ कि वे बच्चों के अपहरण करने वाले गिरोह का हिस्सा हैं। इस पर कुछ लोगों ने साधुओं को गाड़ी से खींच लिया और लाठी से पीटा। पूछताछ में पता चला कि सभी साधु यूपी के एक पंचदशनाम अखाड़े से हैं। मुंबई से करीब 100 किमी दूर पालघर में 16 अप्रैल, 2020 को गढ़चिंचले गांव में दो साधुओं, कल्पवृक्ष गिरी (70) और सुशील गिरी (35) और उनके ड्राइवर नीलेश तेलगाडे (30) की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
भाषा नहीं समझने के कारण स्थानीय लोगों को संदेह हुआ
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रास्ते से जाते वक्त वहां के स्थानीय लोगों से बातचीत में एक दूसरे की स्थानीय भाषा नहीं समझ पाने के कारण मामला बिगड़ा और स्थानीय लोगों ने साधुओं की पिटाई कर दी।
संतों पर हमला निंदनीय, नहीं बख्शे जाएंगे दोषी : राम कदम
महाराष्ट्र भाजपा प्रवक्ता व विधायक राम कदम ने कहा कि साधु-संतों के साथ मारपीट की घटना निंदनीय है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उद्धव सरकार के समय में पालघर में साधुओं के साथ अन्याय हुआ लेकिन शिंदे-फडणवीस सरकार में ऐसा नहीं होगा।