देशमुख धनशोधन और भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपी हैं, जिनकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रहे हैं। धनशोधन मामले की सुनवाई करने वाले विशेष न्यायाधीश आर.एन. रोकड़े ने सोमवार को पारित आदेश में कहा, "यात्रा का अधिकार व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का एक अभिन्न हिस्सा है। आवेदन में उल्लिखित कारणों को ध्यान में रखते हुए मेरा मानना है कि आवेदक को ग्रेटर मुंबई के बाहर यात्रा करने की अनुमति दी जानी चाहिए।"
भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई कर रही सीबीआई की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को उन्हें भारत में यात्रा करने की अनुमति दे दी। देशमुख ने अधिवक्ता इंद्रपाल सिंह और अनिकेत निकम के माध्यम से दायर अपनी याचिका में कहा कि वह नागपुर के मूल निवासी हैं और अपने निर्वाचन क्षेत्र (नागपुर में काटोल) के चार लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
याचिका में कहा गया था कि उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की शिकायतें सुननी हैं। साथ ही पार्टी की बैठकों और महाराष्ट्र में कई कार्यक्रमों में भाग लेना है। ईडी ने देशमुख को नवंबर 2021 में धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने पिछले साल अप्रैल में उन्हें भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया था। उच्च न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने से पहले वह एक साल से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहे थे।