राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के विधान पार्षद अमोल मिटकरी ने हाल ही में महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरहे को पत्र लिखकर बताया था कि एक अज्ञात व्यक्ति ने परिषद में प्रवेश किया और कुर्सी पर बैठा। हालांकि, गोरहे ने सोमवार को परिषद को बताया कि वह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि भाजपा एमएलसी रमेश कराड थे। इसके बाद मिटकरी ने सदन को आश्वासन दिया कि वह आगे सावधानी बरतेंगे। उन्होंने मीडिया को इस मुद्दे के बारे में ज्यादा जानकारी देने से भी इनकार किया।
मिटकरी ने विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरहे को लिखे पत्र में दावा किया था कि एक अज्ञात व्यक्ति विधान परिषद में घुसा और बाद में कुर्सी पर बैठ गया। लिफ्ट के पास खड़े एक व्यक्ति की तस्वीरें वायरल हो गई थीं। गोरहे ने परिषद में कहा, अज्ञात व्यक्ति भाजपा एमएलसी रमेश कराड थे। मुझे आश्चर्य है कि मिटकरी ने उन्हें नहीं पहचाना।
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हालांकि, भाजपा एमएलसी और सदन के नेता प्रवीण दारेकर ने मिटकरी की आलोचना की और उनसे माफी मांगने को कहा। दारेकर ने कहा, मिटकरी को अनावश्यक रूप से सुरक्षा और पुलिस कर्मियों को परेशान करने के साथ-साथ राज्य में डर फैलान के लिए खेद व्यक्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने (मिटकरी) नागपुर सत्र में भी इसी तरह के हथकंडे अपनाए थे, जहां उन्होंने किसी ओर जगह का वीडियो बनाया था और दावा किया था कि यह पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस है।
वहीं, मिटकरी ने कहा, ईमानदारी से कहूं तो मैं कराड को नहीं पहचान सका। उन्होंने नीली कमीज पहन रखी थई और मैंने सदन के कुछ अन्य सदस्यों से पूछा लेकिन किसी ने भी उन्हें नहीं पहचाना। इसलिए मैंने गोरहे (उपसभापति) को पत्र लिखा और उनसे अज्ञात व्यक्ति की पहचान कराने के लिए कहा। मिटकरी ने परिषद में कहा, जब इस तरह की चिंताओं को उठाने की बात आएगी तो मैं ज्यादा सतर्कता बरतूंगा।