मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) स्टेशन के बाहर मंगलवार को सिग्नल में गड़बड़ी के कारण एक लोकल ट्रेन गलत पटरी पर चली गई और निर्धारित प्लेटफॉर्म के बजाय दूसरे प्लेटफॉर्म की ओर मुड़ गई। मोटरमैन की सतर्कता से ट्रेन की टक्कर होने से बच गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। सिग्नल में गड़बड़ी के कारण सीएसएमटी के स्टेशन मास्टर को निलंबित कर दिया गया है।
दरअसल, सीएसएमटी से बदलापुर जाने वाली ट्रेन को प्लेटफॉर्म नंबर चार के बजाय गलती से पांच पर जाने का सिग्नल दे दिया गया। इसके चलते ट्रेन गलत रूट पर चली गई और प्लेटफॉर्म पर पहले से खड़ी एक अन्य लोकल ट्रेन से करीब 270 मीटर पहले रुकी। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि घटना दोपहर बाद 3.40 बजे हुई, जिससे मुख्य लाइन पर संचालन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। बाद में ट्रेन को पीछे करके सही मार्ग पर लाया गया, जिसके बाद सेवाएं बहाल कर दी गई।
मुंबई की विशेष अदालत ने महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एनसीपी, शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार को बड़ी राहत देते हुए दोषमुक्त कर दिया है। विशेष न्यायाधीश महेश जाधव ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि इस मामले के मूल अपराध में पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट पहले ही स्वीकार की जा चुकी है, इसलिए प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई का अब कोई कानूनी आधार नहीं रह जाता है। हालांकि, अदालत ने भविष्य में ईडी के लिए अन्य कानूनी रास्ते खुले रखने की बात भी कही है, लेकिन फिलहाल रोहित पवार के लिए यह एक बड़ी कानूनी जीत मानी जा रही है।
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की तरक्की के लिए बड़े फैसलों पर मुहर लगा दी है। मुंबई मेट्रो लाइन 5-ए को हरी झंडी मिल गई है, जिससे ठाणे, भिवंडी और कल्याण के करीब 69 लाख लोगों का सफर आसान हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट से यात्रा का समय आधा रह जाएगा। साथ ही, नासिक में होने वाले 2027 कुंभ मेले की तैयारियों के लिए भी 1,063 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतरीन सुविधाएं मिल सकें।
विदर्भ क्षेत्र के विकास को रफ्तार देने के लिए तीन नए एक्सप्रेसवे बनाने का फैसला लिया गया है। नागपुर-गोंदिया, भंडारा-गढ़चिरौली और नागपुर-चंद्रपुर एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण का काम जल्द शुरू होगा। इन सड़कों के बनने से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन सभी प्रोजेक्ट्स को अगले 6 वर्षों के भीतर पूरा कर लिया जाए।