महाराष्ट्र की आईपीएस रश्मि शुक्ला
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महाराष्ट्र हाईकोर्ट ने फोन टैपिंग मामले में आईपीएस रश्मि शुक्ला को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज दो एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है। महाराष्ट्र के खुफिया विभाग की पूर्व प्रमुख रश्मि शुक्ला के खिलाफ पुणे और कोलाबा में दो एफआईआर दर्ज हुईं थी। रश्मि शुक्ला पर आरोप था कि देवेंद्र फडणवीस की सरकार में रश्मि शुक्ला ने विपक्षी नेताओं के फोन अवैध रूप से टैप कराए थे।
पुलिस ने मामले बंद करने की मांग की
महाराष्ट्र में जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी की सरकार थी, तब रश्मि शुक्ला के खिलाफ ये एफआईआर दर्ज हुईं थी। शुक्रवार को रश्मि शुक्ला की तरफ से वकील महेश जेठमलानी हाईकोर्ट में पेश हुए। पुलिस ने हाईकोर्ट में सी-समरी (ना केस झूठा है और ना सही) रिपोर्ट दाखिल की। पुलिस ने मामले को बंद करने की मांग की क्योंकि महाराष्ट्र सरकार ने रश्मि शुक्ला के खिलाफ कार्रवाई की इजाजत नहीं दी।
इन आरोपों में हुई थी एफआईआर
ऐसे में जस्टिस एएस गडकरी और जस्टिस शर्मिला देशमुख की पीठ ने पुलिस की मांग को मानते हुए आईपीएस रश्मि शुक्ला के खिलाफ दर्ज दोनों मामलों को रद्द कर दिया। बता दें कि कांग्रेस नेता नाना पटोले के फोन को टैप करने के मामले में रश्मि शुक्ला के खिलाफ पुणे में एफआईआर दर्ज हुई थी। वहीं शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत और एनसीपी नेता एकनाथ खड़से के फोन टैप करने के मामले में मुंबई में रश्मि शुक्ला के खिलाफ एफआईआर हुई थी।