महाराष्ट्र में उच्च हवाई यातायात की मांग को देखते हुए नवी मुंबई के उल्वे में नया एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। यह एयरपोर्ट उल्वे के मुंबई महानगर क्षेत्र के केंद्र में स्थित होगा। एयरपोर्ट का निर्माण और संचालन आदाणी समूह द्वारा किया जा रहा है।
इस एयरपोर्ट का निर्माण चार चरणों में किया जाएगा। हवाईअड्डे पर उपयोग होने वाले सभी वाहन पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होंगे। सभी जगह चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा। एयरपोर्ट के निर्माण में बड़े पैमाने पर हरित ऊर्जा का भी उपयोग किया जाएगा।
निर्माण कार्य का जायजा लेने पहुंचे सीएम, डिप्टी सीएम
टर्मिनल का डिजाइन भारत के राष्ट्रीय फूल कमल से प्रेरित है। एयरपोर्ट के पहले दो चरण अगले साल दिसंबर में पूरे होंगे। नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण 1160 हेक्टेयर जमीन पर किया जा रहा है।
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे शुक्रवार को निर्माण कार्य का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस भी उनके साथ थे। निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के बाद अदाणी समूह के प्रतिनिधियों की तरफ से दोनों नेताओं को एयरपोर्ट की विशेषताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह हवाईअड्डा केवल महाराष्ट्र के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण होगा। इसके निर्माण से मुंबई एयरपोर्ट पर पड़ने वाला बोझ कम हो जाएगा।
एयरपोर्ट के निर्माण में आ रही बाधाएं
एयरपोर्ट के निर्माण में आने वाली बाधाओं पर बात करते हुए परियोजना टीम ने बताया कि उन्हें ऊंची पहाड़ों से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है और साथ ही उल्वे नदी के मार्ग को भी बदलना होगा।
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनएमआईए) परियोजना के योजना और डिजाइन संयुक्त अध्यक्ष चारुदत्त देशमुख ने कहा- 'प्रोजेक्ट के लिए 1160 हेक्टेयर जमीन पर चुनौतियां बहुत हैं। विशेष रूप से दक्षिणी भाग में जहां दो किलोमीटर लंबी, 100 मीटर ऊंची पहाड़ी है।'
उन्होंने कहा- 'उल्वे नदी का मार्ग 400 मीटर था, जिसे काटकर वर्तमान में 200 मीटर तक किया गया है। अब यह साइट के निर्माण कार्य को प्रभावित नहीं कर रही है।'
नवी मुंबई में बनने वाला एयरपोर्ट और मुंबई एयरपोर्ट के बीच की दूरी 40 किलोमीटर से भी कम है।