हंगामे के दौरान उपसभापति नीलम गोरे ने कहा कि आप इधर-उधर की बातें कर रहे हैं। आप कृपया बैठ जाइए। यह प्रश्न आपके विभाग से संबंधित नहीं है। यह सवाल केसरकर के विभाग से संबंधित है। इसके बाद भी जब मामला शांत नहीं हुआ तो उन्होंने गुलाबराव पाटिल को फटकार लगा दी।
महाराष्ट्र विधान परिषद में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। यहां मानसून सत्र के दौरान उपसभापति नीलम गोरे और राज्य के कैबिनेट सदस्य गुलाबराव पाटिल के बीच जुबानी जंग हो गई। बातचीत इतनी बढ़ गई कि अंत में उपसभापति नीलम गोरे ने गुलाबराव पाटिल को लताड़ते हुए कहा कि आप अपने घर में मंत्री हैं।
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क्या था मामला
ये बहस तब शुरु हुई जब राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर उच्च सदन में एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। वहीं विपक्ष केसरकर के जवाब से असंतुष्ट था और हंगामा कर रहा था। शिवसेना एमएलसी मनीषा कयांडे ने बताया कि विपक्ष के हंगामे के बीच ही जल आपूर्ति और स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटिल ने अपनी सीट से बोलना शुरू कर दिया। उनके बोलने से विपक्षी विधायक और नाराज हो गए और सदन के वेल में आ गए।
उपसभापति नीालम गोरे ने लगाई फटकार
इस पर नीलम गोरे ने कहा कि आप इधर-उधर की बातें कर रहे हैं। आप कृपया बैठ जाइए। यह प्रश्न आपके विभाग से संबंधित नहीं है। यह सवाल केसरकर के विभाग से संबंधित है। इसके बाद भी जब मामला शांत नहीं हुआ तो उन्होंने आगे कहा कि 'गुलाबराव पाटिल जी, मैंने समय-समय पर आपको चेतावनी दी है, आपसे अनुरोध किया है। तुरंत अपनी सीट ले लीजिए। सदन में यह कैसा व्यवहार है?'
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इस पर जवाब मांगते हुए गुलाबराव पाटिल ने कहा कि 'मैं मंत्री हूं और मुझे बोलने का मौका दिया जाना चाहिए।' उनके इस जवाब पर नीलम गोरे ने नाराज होते हुए कहा कि 'क्या होगा यदि आप मंत्री हैं। आप अपने घर में मंत्री हैं। अपना आसन ग्रहण करें।' सत्तारूढ़ सहयोगी भारतीय जनता पार्टी के विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य सुरेश धस ने बाद में उपसभापति से उनकी टिप्पणी को परिषद के रिकॉर्ड से हटाने का अनुरोध किया। जिस पर गोरे ने कहा कि वह उनकी जांच करेंगी।