महाराष्ट्र में मुगल बादशाह औरंगजेब को लेकर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। भाजपा नेता निलेश राणे द्वारा शरद पवार को 'औरंगजेब का पुनर्जन्म' बताने पर विवाद और गहरा गया है। एनसीपी ने इस मुद्दे पर प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। साथ ही भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से इसे लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।
क्या है विवाद
बता दें कि बुधवार को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक कार्यक्रम के दौरान औरंगजेब की तस्वीर दिखाने पर विवाद हो गया था। इसे लेकर हिंदू संगठनों ने नाराजगी जाहिर की। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी औरंगजेब और टीपू सुल्तान का महिमामंडन करने वाले पोस्ट किए गए। जिसके बाद कुछ उपद्रवियों ने कुछ घरों और दुकानों पर पथराव किया। जिससे कोल्हापुर में हालात तनावपूर्ण हो गए।
शरद पवार ने दिया था ये बयान
इस घटना के बाद एनसीपी चीफ शरद पवार ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की। इस पर भाजपा नेता निलेश राणे ने पवार पर निशाना साधा और ट्वीट करते हुए लिखा कि 'पवार साहेब को मुस्लिम समुदाय की चिंता है क्योंकि चुनाव आने वाले हैं। कई बार ऐसा लगता है कि शरद पवार औरंगजेब का पुनर्जन्म हैं।'
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राकांपा कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी
राकांपा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया और भाजपा नेता नीलेश राणे के उस ट्वीट को लेकर गिरफ्तारी दी। राकांपा प्रवक्ता महेश तापसे ने कहा कि पार्टी प्रमुख के खिलाफ राणे के मानहानिकारक ट्वीट को लेकर पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी। तापसे ने कहा कि राणे के ट्वीट के खिलाफ राकांपा कार्यकर्ता आजाद मैदान में एकत्र हुए। हालांकि, पुलिस उन्हें प्रदर्शन स्थल से येलो गेट पुलिस थाने ले गई। जानकारी के मुताबिक, राकांपा की मुंबई इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र राणे ने ‘मुंबई जेल भरो आंदोलन’ का आयोजन किया था। इसके अनुसार पार्टी प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो और अन्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
एनसीपी ने दी थी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी
एनसीपी ने निलेश राणे के ट्वीट पर नाराजगी जाहिर की थी और भजापा नेता पर एनसीपी मुखिया की छवि को खराब करने का आरोप लगाया। एनसीपी ने ट्वीट डिलीट भी करने की मांग की, लेकिन निलेश राणे ने ऐसा नहीं किया।