राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के एमएलसी एकनाथ खडसे ने दावा किया है कि उन्होंने उपमुख्यमंत्री अजित पवार के गुट में शामिल होने के ऑफर को ठुकरा दिया। उन्होंने बताया कि इसके लिए उनके पास एक फोन कॉल आया था।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के एमएलसी एकनाथ खडसे ने दावा किया है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के एक वफादार ने उनसे संपर्क किया था और उनसे गुट में शामिल होने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
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इनका आया था फोन
खडसे ने संवाददाताओं से कहा कि मुझे अजित पवार की ओर से राकांपा एमएलसी अमोल मिटकारी का फोन आया था और उन्होंने मुझसे उनके गुट का साथ देने को कहा था। मैंने उनसे साफ कह दिया कि मैं शरद पवार के प्रति वफादार हूं और उन्हें नहीं छोड़ूंगा।
पूर्व मंत्री खडसे ने 2020 में लगभग 40 साल पुराने संबंध को खत्म करते हुए खटास के साथ भारतीय जनता पार्टी छोड़ दी थी। एनसीपी में शामिल होने के बाद, वह महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए चुने गए।
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भाजपा नेता का आया बयान
इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए, जलगांव जिले से खडसे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और वरिष्ठ भाजपा नेता गिरीश महाजन ने कहा कि मुझे पता चला है कि खडसे अजित पवार के पक्ष में शामिल होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मेरी उन्हें सलाह है कि वह शरद पवार को न छोड़ें। उन्हें वरिष्ठ पवार के साथ रहना चाहिए।
अजित पवार और आठ अन्य विधायक इस साल जुलाई में शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल हो गए, जिससे उनके चाचा और राकांपा संस्थापक शरद पवार के बीच खींचतान शुरू हो गई। दोनों गुट कहते रहे हैं कि पार्टी विभाजित नहीं हुई है और वे ही असली एनसीपी हैं।