मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के आरोपों पर पलटवार किया है। अनिल देशमुख ने दावा किया कि महाविकास अघाड़ी की सरकार में उन्हें और भाजपा के कई नेताओं को फंसाने की कोशिश की गई। परमबीर सिंह ने कहा है कि पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे, शरद पवार के इशारे पर उन्हें गिरफ्तार करने की साजिश रची गई थी।
'मुझे और देवेंद्र फडणवीस को फंसाने की हुई कोशिश'
परमबीर सिंह ने कहा कि 'अर्बन लैंड सीलिंग मामले में जांच अधिकारी सरदार पाटिल ने मुझे गिरफ्तार करने की कोशिश की। सरदार पाटिल को संजय पांडे से निर्देश मिल रहे थे और संजय पांडे को अनिल देशमुख, उद्धव ठाकरे और शरद पवार निर्देशित कर रहे थे।' परमबीर सिंह ने दावा किया कि इस मामले में मौजूदा डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस को भी फंसाने की कोशिश थी। पूर्व कमिश्नर ने कहा कि 'उन्हें ये भी पता चला कि मौजूदा सीएम एकनाथ शिंदे को भी अर्बन लैंड सीलिंग मामले में फंसाने की कोशिश की गई थी। मेरे पास इसके सबूत भी हैं।'
परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर लगाए आरोप
पूर्व पुलिस आयुक्त ने पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के आरोपों पर कहा कि अनिल देशमुख ने जो बयान दिया है, वह अप्रैल 2021 की घटना को लेकर दिया है। मैंने उस वक्त तत्कालीन सीएम उद्धव ठाकरे और अन्य शीर्ष नेताओं जैसे शरद पवार और तत्कालीन राज्यपाल को लिखित शिकायत दी थी, जिसमें मैंने अनिल देशमुख द्वारा वसूली रैकेट चलाने की जानकारी दी थी। अनिल देशमुख ने अधिकारियों को पूरे राज्य में पैसे वसूलने का लक्ष्य दिया था। अकेले मुंबई से ही 100 करोड़ रुपये वसूलने का लक्ष्य रखा गया था।
परमबीर सिंह ने कहा कि मेरी शिकायत के बावजूद सीएम ने कोई कार्रवाई नहीं की और उल्टा मुझे निशाना बनाना शुरू कर दिया। सीबीआई ने जब इसकी जांच की तो उसके बाद अनिल देशमुख के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई और उन्हें गिरफ्तार किया गया। अब जब वह जेल से बाहर हैं तो मुझे पर आधारहीन आरोप लगा रहे हैं।
डिप्टी सीएम फडणवीस ने भी लगाए गंभीर आरोप
डिप्टी सीएम देवेंद्रफडणवीस ने कहा है कि महाविकास अघाड़ी की सरकार में झूठे आरोप लगाकर मुझे गिरफ्तार करने की साजिश रची गई थी, लेकिन हम इस साजिश का भंडाफोड़ करने में सफल रहे। हमने इसे लेकर सीबीआई को वीडियो सबूत भी दिए। महाविकास अघाड़ी की सरकार में कुछ अधिकारियों को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था कि हमारे नेताओं जैसे मुझे, गिरीश महाजन, प्रवीण दारेकर को जेल भेजा जाए। कुछ अधिकारियों ने इसकी कोशिश की, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके। वहीं कई अधिकारियों ने ऐसा करने से मना कर दिया।'