महाराष्ट्र सरकार ने डीपफेक क्रिएटर्स की ओर कड़ा रुख दिखाया है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वो डीपफेक क्रिएटर्स पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें, जो कि चुनावी मौसम के बीच चिंता का कारण बनी हुई है।
महाराष्ट्र सरकार ने डीपफेक क्रिएटर्स की ओर कड़ा रुख दिखाया है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वो डीपफेक क्रिएटर्स पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें, जो कि चुनावी मौसम के बीच चिंता का कारण बनी हुई है।
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लोकसभा चुनाव में सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया पर कई सारी डीपफेक और छेड़छाड़ की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। चुनाव के दौरान इनमें वृद्धि हुई है। इसलिए शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि डीपफेक सामग्री गलतफहमी पैदा करती है, जो कि हानिकारक भी है। इसलिए महाराष्ट्र सरकार ने पुलिस महानिदेशक को निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जाए। ताकि सुगम तरीके से पारदर्शी होकर चुनाव प्रक्रिया पूरी हो सके।
महाराष्ट्र सरकार ने ऐसी सामग्री बनाने और प्रसारित करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा है। बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की डीपफेक शेयर करने के आरोप में युवा कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल और 16 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जिस वीडियों में भाजपा नेता एससी, एसटी और ओबीसी के आरक्षण अधिकारों को कम करने की बात कर रहे थे।
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इसके अलावा महाराष्ट्र पुलिस ने एक डीपफेक वीडियो अपलोड करने पर एक्स के एक उपयोगकर्ता पर मुकदमा दर्ज किया था। इस वीडियो में बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह कांग्रेस के लिए वोट करने की अपील कर रहे थे।
क्या है डीपफेक वीडियो ?
डीपफेक एक व्यक्ति का वीडियो है जिसमें उनकी शक्ल को किसी दूसरे की शक्ल से बदल दिया जाता है। ये सब कुछ "मशीन लर्निंग (एमएल) या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)" का उपयोग करके किया जा रहा है।