Maharashtra: मुख्यमंत्री कार्यालय को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के जाली हस्ताक्षर और मोहर वाले ज्ञापन व पत्र मिलने के बाद मुंबई की मरीन ड्राइव पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के कर्मचारियों को मुख्यमंत्री के जाली हस्ताक्षर और मोहर वाले कुछ ज्ञापन और पत्र मिले। इस बारे में कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठों को बताया। जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई। मुंबई पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
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मरीन ड्राइव पुलिस के मुताबिक, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के फर्जी हस्ताक्षर और मोहर के इस्तेमाल को लेकर सीएमओ के डेस्क अधिकारी की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420, 465, 468, 471 और 473 के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
मंत्रियों के इर्द-गिर्द घूमते हैं ठेकेदार: सुनील भुसरा
वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के नेता और विधायक सुनील भुसरा ने आरोप लगाया कि एकनाथ शिंदे के साथ बहुत मंत्री हैं, जिनके ठेकेदार यहां (सीएमओ) आते हैं। उनकी विभिन्न परियोजनाओं की मंजूरी के लिए वे जाली हस्ताक्षर, दस्तावेज और टिकट बनाते हैं। वे मंत्रियों के इर्द-गिर्द घूमते हैं और ऐसा करते हैं। हमने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
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विपक्ष के नेता ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने इस मुद्दे को विधानसभा के निचले सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि सीएमओ में जाली मोहर और मुख्यमंत्री के फर्जी हस्ताक्षर का मुद्दा बहुत गंभीर है। पहले यह पता चला था कि एक फर्जी अधिकारी छह महीनों से सीएमओ में था। वडेट्टीवार ने सख्त कार्रवाई की मांग की।
दोषी को बख्शा नहीं जाएगा: अजित पवार
उपमुख्यमंत्री अजित पवार न मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, सीएमओ ने एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री ने कर्मचारियो को अधिक सतर्क रहने को कहा है।