महाराष्ट्र में सियासत का ऊंट किस करवट बैठेगा इसका इंतजार सभी को है। सियासी नूराकुश्ती के सिलसिले के बीच आज एनसीपी प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की मुलाकात दिल्ली में हो रही है। सूबे में शिवसेना और भाजपा के बीच जारी तनातनी ने अचानक पवार को किंगमेकर बना दिया है। इसी बीच राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
महाराष्ट्र के राज्यपाल से मिलने पहुंचे शिवसेना नेता संजय राउत और रामदास कदम।
मुलाकात के बाद संजय राउत ने कहा कि राज्यपाल के सामने हमने अपनी बात रखी। राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में स
रकार नहीं बनने पर शिवसेना जिम्मेदार नहीं है। सरकार बनाने में शिवसेना की तरफ से किसी तरह की अड़चन नहीं।
फडणवीस बोले, जल्द बनेगी नई सरकार
मुलाकात के बाद फडणवीस ने कहा, 'मैं नए सरकार के गठन को लेकर किसी के द्वारा जो कहा जा रहा है उसपर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि जल्द ही नई सरकार बनेगी इसे लेकर मुझे पूरा विश्वास है।' शाह से मिलने के बाद फडणवीस महाराष्ट्र के भाजपा प्रभारी भूपेंद्र यादव से मुलाकात करने के लिए उनके आवास पर पहुंचे।
सूत्रों के मुताबिक शिवसेना इस गतिरोध को अब और लंबा खींचने के मूड में नहीं है। इसलिए वह चाहती है कि भाजपा आलाकमान चुप्पी तोड़े और अपनी बात साफ करे। इसलिए वह राज्यपाल से मुलाकात कर सबसे बड़े दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने को कहेगी। सूत्रों का कहना है कि एक-दो दिन में गतिरोध समाप्त हो सकता है। वहीं शिवसेना सांसद संजय राउत ने एनसीपी नेता अजीत पवार को टेक्स्ट मैसेज करके राज्यपाल के पास दावा पुख्ता करने की तैयारी की है।
वहीं राउत ने सोमवार को पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के साथ अपनी एक तस्वीर ट्वीट करते हुए संदेश लिखा लक्ष्य तक पहुंचने से पहले सफर में मजा आता है। राउत ने अपने ट्विटर हैंडल पर हिंदी में संदेश पोस्ट किया 'लक्ष्य तक पहुंचने से पहले सफर में मजा आता है।'
राउत ने पोस्ट में अपने फालोअर्स का अभिवादन जय हिंद के नारे के साथ किया है, वह भी तब जब पार्टी लंबे समय से अभिवादन के लिये जय महाराष्ट्र के इस्तेमाल पर जोर देती रही है। गठबंधन सहयोगी भाजपा के साथ महाराष्ट्र में अगली सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध के बीच राउत का आज शाम राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात का कार्यक्रम है।
मुख्यमंत्री पद को लेकर है गतिरोध
24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से दोनों गठबंधन साझीदारों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर गतिरोध बना हुआ है। इस चुनाव में 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना ने 56 और भाजपा ने 105 सीटों पर जीत दर्ज की। राज्य की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल नौ नवंबर को खत्म हो जाएगा।