महाराष्ट्र में राज्यसभा की छह सीटों के बाद विधान परिषद की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में भी विपक्षी दल भाजपा ने महा विकास आघाड़ी (एमवीए) की टेंशन बढ़ा दी है। विधान परिषद के लिए भाजपा ने पांच और सत्ताधारी गठबंधन एमवीए सरकार के प्रमुख घटक दल कांग्रेस ने दो उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इससे एमवीए और भाजपा के बीच टकराव तय है।
महाराष्ट्र में विधान परिषद की 10 सीटों के लिए 20 जून को चुनाव होने हैं। 9 जून नामांकन दाखिल करने की और 13 जून को नामांकन वापसी की अंतिम तारीख है। भाजपा ने वर्तमान में विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर को एक बार फिर मौका दिया है। साथ ही, प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष उमा खापरे, पूर्वमंत्री राम शिंदे, पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के ओएसडी रहे श्रीकांत भारतीय, प्रसाद लाड सहित सदाभाऊ खोत को उम्मीदवार घोषित किया है।
वहीं, कांग्रेस ने मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष अशोक (भाई) जगताप और पूर्वमंत्री दलित नेता चंद्रकांत हंडोरे को मैदान में उतारा है। कुल 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 106 और निर्दलीय विधायकों सहित 112 की संख्या है जबकि एमवीए के पास 169 विधायक हैं। विधान परिषद में एक सदस्य की जीत के लिए 28 वोट की जरूरत है। विधानसभा में शिवसेना के 55, एनसीपी के 54 सदस्य हैं। संख्याबल के हिसाब से शिवसेना और एनसीपी के दो उम्मीदवार आसानी से विधान परिषद चुनाव जीत सकते हैं, जबकि कांग्रेस के पास केवल 44 विधायक हैं। ऐसे में कांग्रेस का एक उम्मीदवार सहज ही विजयी हो सकता है लेकिन दूसरे उम्मीदवार की जीत के लिए सत्ता में सहयोगी शिवसेना और एनसीपी के अलावा एमवीए सरकार को समर्थन दे रहे विधायकों की मदद लेनी पड़ेगी।
इन विधायकों के सेवानिवृत्त होने से हो रहे हैं चुनाव
महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति व एनसीपी नेता रामराजे नाईक निंबालकर, संजय दौंड, राज्य के उद्योग व शिवसेना नेता मंत्री सुभाष देसाई, दिवाकर रावते के अलावा भाजपा के प्रवीण दरेकर, प्रसाद लाड, दिवंगत आर.एन. सिंह, सूजीत सिंह ठाकुर, मराठा नेता शिवशक्ति संग्राम के अध्यक्ष विनायक मेटे और पूर्वमंत्री सदाभाऊ खोत के सेवानिवृत्त होने से यह चुनाव कराया जा रहा है। मेटे और खोत भाजपा के समर्थन से विधान परिषद सदस्य चुने गए थे।
पंकजा मुंडे का पत्ता कटा, नहीं मिला विप का टिकट
दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे के बेटी पंकजा मुंडे का एक बार फिर पत्ता कट गया है। भाजपा ने जिन पांच उम्मीदवारों की सूची जारी की है उसमें पंकजा का नाम नहीं है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि मैने और विपक्ष के नेता देवेन्द्र फडणवीस ने पंकजा की उम्मीदवारी के लिए काफी प्रयास किया। पंकजा मुंडे राष्ट्रीय नेता हैं। वह मध्य प्रदेश भाजपा की प्रभारी हैं। पार्टी हाईकमान ने पंकजा के लिए दूसरी जिम्मेदारी तय की होगी।