महाराष्ट्र के लातूर जिले में एक 46 वर्षीय किसान ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि फसल बर्बाद होने और अपनी बेटी के मेडिकल कॉलेज की फीस न भर पाने से परेशान होकर उसने अधिकारियों से मदद की गुहार लगाते हुए एक वीडियो पोस्ट किया था। सोमवार को बोरगांव गांव स्थित अपने खेत में यह कदम उठाने से पहले, शंकर अबनराव क्षीरसागर ने ऑनलाइन एक वीडियो क्लिप पोस्ट की। इसमें उन्होंने पूछा कि सूखे के कारण सोयाबीन की फसल बर्बाद होने के बावजूद उन्हें सरकारी राहत क्यों नहीं मिली।
ये भी पढ़ें: महाराष्ट्र: नाबालिग के कपड़े उतारकर मारपीट का वीडियो वायरल, एक आरोपी गिरफ्तार; पुलिस ने क्या दी चेतावनी?
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस के अनुसार, क्षीरसागर ने अपनी छोटी सी जमीन पर सोयाबीन की खेती की थी और अच्छी पैदावार की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन, लंबे समय तक बारिश न होने के कारण उनकी फसल बर्बाद हो गई। उनकी एक बेटी मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। हालांकि सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों के बच्चों की फीस में छूट देने की घोषणा की थी, लेकिन आवेदन करने के बावजूद उनकी बेटी की फीस माफ नहीं की गई।
ये भी पढ़ें: 'न झुकेंगे, न डरेंगे': महाराष्ट्र में पार्टी नेता को पुलिस नोटिस पर भड़की कांग्रेस, भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
किसान ने क्यों उठाया ऐसा कदम?
लिंबगांव पुलिस स्टेशन के असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर बोधनकर ने बताया कि फसल बर्बाद होने, कर्ज के बोझ और बेटी की पढ़ाई के खर्च के कारण वह काफी परेशान थे। उन्होंने बताया कि सोमवार दोपहर क्षीरसागर अपने खेत पर गए, वहां अपने मोबाइल फोन पर एक वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद उनके रिश्तेदारों और पुलिस ने उन्हें खोजना शुरू किया। अधिकारी ने बताया कि जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो वे खेत में फांसी के फंदे से लटके मिले। वीडियो में, क्षीरसागर ने जिला कलेक्टर से भावुक अपील की। उन्होंने पूछा कि उन्हें किसी भी कर्ज माफी योजना का लाभ क्यों नहीं मिला और आवेदन करने के बावजूद उनकी बेटी के मेडिकल कॉलेज की फीस क्यों माफ नहीं की गई।