महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में प्रस्तावित हवाई अड्डे और औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया किसानों के विरोध के बाद अस्थायी रूप से रोक दी गई है। सरकार ने किसानों को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त समय देने का भी फैसला किया है।
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में प्रस्तावित हवाई अड्डे और औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। यह कदम 3000 से ज्यादा किसानों के जोरदार विरोध प्रदर्शन के बाद उठाया गया है। इन किसानों ने पिछले कुछ दिनों से जिला कलेक्ट्रेट पर धरना दिया था। किसानों का कहना है कि हवाई अड्डे और चामोर्शी में औद्योगिक परियोजनाओं के लिए उनकी उपजाऊ जमीन ली जा रही है।
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राज्य सरकार ने 12 मई को हवाई अड्डे के लिए लगभग 104 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत 311.81 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना था। इसमें सरकारी, निजी और वन विभाग की जमीन शामिल है। यह जमीन शिरापुर चक, गुरुवाला, हीरापुर और राखी गांवों से ली जानी थी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता अमोल मरकवार ने कहा कि जमीन मालिकों की सहमति के बिना अधिग्रहण के आदेश जारी करना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने इन आदेशों को तुरंत रद्द करने की मांग की।
आजाद समाज पार्टी के नेता विवेक खोबरागड़े ने बताया कि हवाई अड्डे के लिए पांच गांवों की जमीन ली जाएगी। इसके अलावा चामोर्शी में जेएसडब्ल्यू ग्रुप के स्टील प्लांट से 14 गांव प्रभावित होंगे। वहीं लॉयड्स मेटल्स की परियोजना के लिए 13 गांवों की जमीन ली जा रही है। उनका दावा है कि इस फैसले से 6000 से ज्यादा किसान संकट में हैं क्योंकि उनकी खेती वाली जमीन छीनी जा रही है।
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शनिवार को जिले के पालक मंत्री आशीष जायसवाल ने प्रदर्शनकारी किसानों से मुलाकात की। उन्होंने घोषणा की कि हवाई अड्डे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इस मामले पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ चर्चा के बाद लिया जाएगा। प्रशासन ने किसानों को जिला कलेक्टर के हस्ताक्षर वाला एक पत्र भी सौंपा, जिसके बाद किसानों ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया।
मंत्री जायसवाल ने यह भी जानकारी दी कि चामोर्शी औद्योगिक टाउनशिप और जेएसडब्ल्यू परियोजना के लिए किसानों को अपनी आपत्तियां और सुझाव देने के लिए 90 दिनों का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इससे किसानों को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलेगा। गढ़चिरौली पहले नक्सल प्रभावित जिला था, लेकिन सुरक्षा बलों की सफलता के बाद अब वहां शांति है। इसी वजह से सरकार वहां खनन आधारित उद्योग और हवाई अड्डा बनाने की योजना पर काम कर रही है।