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महाराष्ट्र: लोहागढ़ किले पर सैलानियों की तस्वीरों में कैद हुए केतन, सिया और चेतन; चार्जशीट में और क्या खुलासा?

Tue, 29 Sep 2026 02:58 PM IST
सुनील मेहरोत्रा डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, मुंबई

सार

पुणे के लोहागढ़ किले में पर्यटकों द्वारा खींची गई तस्वीरें केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में अहम सबूत बनी हैं। 5,300 पन्नों की चार्जशीट में शामिल इन तस्वीरों से घटना के समय केतन, सिया गोयल और चेतन अग्रवाल की मौके पर मौजूदगी की पुष्टि हुई। पुलिस ने फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, डिजिटल सबूत और गवाहों के बयान भी चार्जशीट में शामिल किए हैं।
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केतन अग्रवाल हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पुणे के लोहागढ़ किले में 18 जून को घूमने आए कुछ सैलानियों की तस्वीरें केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में अहम सबूत बन गई हैं। पुणे ग्रामीण पुलिस ने अदालत में दाखिल की गई 5,300 पन्नों की चार्जशीट में इन सैलानियों की तस्वीरों को भी शामिल किया है। दरअसल, सैलानियों ने जब किले में अपनी तस्वीरें खींचीं, तब उनके पीछे अनजाने में केतन अग्रवाल, सिया गोयल और चेतन अग्रवाल भी कैमरे में कैद हो गए। पुलिस के मुताबिक, यही तस्वीरें घटना के समय तीनों की मौके पर मौजूदगी साबित करने में अहम कड़ी बन गई हैं।
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मामले की जानकारी देते हुए एसपी संदीप सिंह गिल ने सोमवार को मीडिया को बताया कि तस्वीरों में केतन, सिया और चेतन किले की उसी जगह पर दिखाई दे रहे हैं, जहां बाद में पुलिस के मुताबिक सिया और चेतन ने केतन को नीचे धक्का दिया था। पुलिस का कहना है कि ये तस्वीरें जांच में सामने आए दूसरे सबूतों की भी पुष्टि करती हैं और घटना के समय चेतन की मौके पर मौजूदगी को भी जोड़ती हैं।

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पुलिस की जांच में बंगलूरू के एक व्यक्ति का बयान भी अहम माना जा रहा है। जांच में पता चला कि सिया और चेतन ने इस व्यक्ति से संपर्क किया था। दोनों ने उससे ऐसी जगह के बारे में जानकारी मांगी थी, जहां केतन की पिटाई की जा सके, उसे मारा जा सके या उसके साथ कोई दरिंदगी की जा सके। एसपी गिल के मुताबिक, उस व्यक्ति ने दोनों को ऐसा कोई कदम नहीं उठाने की सलाह दी थी।

जांच में यह भी सामने आया कि चेतन ने सिया को केतन का पासपोर्ट फाड़ने का सुझाव दिया था। पुलिस के अनुसार, केतन को लोहागढ़ किले तक बुलाने के लिए एक फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाया गया था। इस अकाउंट को सिया और चेतन मिलकर चला रहे थे। इसी अकाउंट के जरिए सिया का जन्मदिन मनाने का बहाना बनाकर केतन को लोहागढ़ बुलाया गया था। पुलिस के मुताबिक, इस पूरी योजना में चेतन का करीबी दोस्त रितेश हांगे सलाह देने की भूमिका में था। उसे भी इस केस में गिरफ्तार किया गया है ।
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पुलिस ने सिया के मोबाइल फोन के मैसेज की जांच की तो कई ऐसे मैसेज मिले, जिनमें उसने लोगों को बताया था कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। 19 सितंबर को अदालत में दाखिल की गई चार्जशीट में चश्मदीदों समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़ी जानकारी और दूसरे डिजिटल सबूत भी चार्जशीट का हिस्सा बनाए गए हैं। इस हत्याकांड में वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम को विशेष सरकारी वकील बनाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। पुणे ग्रामीण पुलिस के मुताबिक, उनकी नियुक्ति से जुड़ी जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। नियुक्ति के बाद निकम इस मामले में अदालत में सरकार की ओर से पैरवी करेंगे।
 
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