संवेदनशील सीमा विवाद पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बयान पर कर्नाटक में सोमवार को बेलगावी समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुआ। मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने दो टूक कहा कि 'कर्नाटक की एक इंच जमीन भी महाराष्ट्र को नहीं दी जाएगी। उद्धव ठाकरे केवल राजनीतिक कारणों से ऐसा बयान दे रहे हैं। मुझे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के बयान से दुख पहुंचा। यह मौजूदा सौहार्दपूर्ण माहौल को बिगाड़ सकता है। मुझे उम्मीद है कि एक सच्चे भारतीय की तरह उद्धव ठाकरे संघवाद के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता व सम्मान दिखाएंगे। कर्नाटक में मराठी भाषी लोग सौहार्द से कन्नड़िगास के साथ रह रहे हैं।'
वहीं, कांग्रेस नेता व पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने कहा, 'बेलगावी कर्नाटक का अभिन्न अंग है। जो मुद्दा सालों पहले सुलझ गया हो, उसे दोबारा भड़काने की कोशिश नहीं करें। उद्धव ठाकरे सिर्फ शिवसेना के कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार मुख्यमंत्री भी हैं।'
जेडीएस नेता व पूर्व सीएम एचडी कुमारस्वामी ने कहा, 'उद्धव एक आतंकी की भाषा बोल रहे हैं। कर्नाटक के हिस्सों में महाराष्ट्र में शामिल कराने वाला बयान चीन के विस्तारवाद जैसा ही है।'
दरअसल रविवार (16 जनवरी) को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा था कि उनकी सरकार कर्नाटक के उन इलाकों को राज्य में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जहां मराठी भाषी लोगों की बहुलता है। ठाकरे के इस बयान पर बेलगावी समेत कई जगहों पर लोगों ने विरोध जताया और महाराष्ट्र के सीएम का पुतला फूंका।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट में कहा था कि इस उद्देश्य के लिए बलिदान देने वालों के लिए यह सच्ची श्रद्धांजलि होगी। महाराष्ट्र राज्य भाषायी आधार पर बेलगाम तथा अन्य इलाकों पर दावा जताता है जो पूर्ववर्ती बॉम्बे प्रेसिडेंसी का हिस्सा थे, लेकिन अब कर्नाटक राज्य में आते हैं।
बेलगाम तथा कुछ अन्य सीमावर्ती इलाकों को महाराष्ट्र में शामिल करवाने के लिए संघर्ष कर रहे क्षेत्रीय संगठन महाराष्ट्र एकीकरण समिति ने उन लोगों की याद में 17 जनवरी को 'शहीदी दिवस' मनाया, जो इस उद्देश्य के लिए लड़ते हुए 1956 में मारे गए थे।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से ट्वीट किया गया, 'सीमा विवाद में शहीद होने वाले लोगों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी कर्नाटक के कब्जे वाले मराठी भाषी तथा सांस्कृतिक इलाकों को महाराष्ट्र में शामिल करना। हम इसके लिए एकजुट हैं और हमारी प्रतिज्ञा दृढ़ है। शहीदों के प्रति सम्मान जताते हुए यह वादा करते हैं।'
कर्नाटक के बेलगाम, कारवार और निप्पनी इलाकों पर महाराष्ट्र यह कहकर दावा जताता है कि इन इलाकों में बहुसंख्यक आबादी मराठी भाषी है। बेलगाम समेत अन्य सीमावर्ती इलाकों को लेकर दोनों राज्यों के बीच जारी विवाद कई वर्षों से उच्चतम न्यायालय में लंबित है।