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गुरु गोविंद सिंह जयंती: सार्वजनिक अवकाश की मांग वाली याचिका पर केंद्र व राज्यों को जारी किया नोटिस

Tue, 19 Jan 2021 02:41 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : पीटीआई
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका पर केंद्र व राज्यों को नोटिस जारी किया है जिसमें सार्वजनिक छुट्टियों को घोषित करने की नीति का एकसमान और बिना मनमाने तरीके से कार्यान्वयन की मांग की गई है। अखिल भारतीय शिरोमणि सिंह सभा की याचिका में कहा गया है कि राजनीतिक दलों द्वारा अपने हितों और फायदे के लिए इस नीति का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

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अखिल भारतीय शिरोमणि सिंह सभा ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की है याचिका
चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस विनीत शरण की पीठ ने केंद्र व सभी राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों को इस संबंध में 10 दिन में जवाब देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।

याचिकाकर्ता संगठन का कहना है कि 10वें सिख गुरु गोविंद सिंह को महत्वपूर्ण देशभक्त और ऐतिहासिक शख्सियत के रूप में जाना जाता है। इसके बावजूद अभी तक देशभर में उनकी जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित नहीं किया गया है जबकि सिख धर्म दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा धर्म है।
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इसमें कहा गया है कि भारत में साप्ताहिक अवकाश अधिनियम, 1942 को छोड़कर कोई सार्वजनिक अवकाश अधिनियम नहीं है। साप्ताहिक अवकाश अधिनियम, साप्ताहिक अवकाश प्रदान करता है। वहीं न्यूजीलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों में छुट्टियां कानून द्वारा तय की जाती हैं।

वकील दुर्गा दत्त के माध्यम से दायर इस रिट याचिका में ने तर्क दिया गया है कि गुरु गोविंद सिंह की जयंती को पूरे देश में ‘प्रकाश पर्व’ के रूप में मनाया जाना चाहिए ताकि लोगों में देशभक्ति, राष्ट्रवाद और भाईचारे की भावना पैदा हो सके। गुरु गोविंद सिंह जी अन्याय के खिलाफ खड़े हुए थे और उनकी शिक्षा को किसी समय सीमा में नहीं बांधा जा सकता। आने वाले समय में भी उनकी शिक्षाएं प्रासंगिक रहेंगी।

याचिका में कहा गया है कि पूरे देश में सार्वजनिक और राजपत्रित अवकाश घोषित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाने चाहिए न कि उन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तक सीमित रहें, जहां सिख बड़ी संख्या में हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा है। मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए यह याचिका दायर की गई है। संगठन का कहना है कि इस मसले को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार से भी संपर्क किया था लेकिन वहां से उन्हें सकारात्मक जवाब नहीं मिला।

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