महाराष्ट्र सरकार गुटखा बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब इसके खिलाफ कड़े कानून बनाने की तैयारी कर रही है। नए कानून के तहत प्रदेश में गुटखा बेचना गैर जमानती अपराध होगा। गुटखा बेचने वालों को तीन साल की जेल की सजा होगी। महाराष्ट्र विधान परिषद में सूबे के अन्न व औषधि प्रशासन (एफडीए) मंत्री गिरीश बापट ने यह घोषणा की।
गिरीश बापट ने कहा कि गुटखा पाबंदी के कानून को सख्त बनाने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी मिली है। इसलिए राज्य सरकार अब जल्द से जल्द संबंधित कानून को और सख्त बनाएगी।
मौजूदा कानून में अवैध रूप से गुटखा बेचने वालों के खिलाफ छह महीने जेल की सजा का प्रावधान है। इस कारण गुटखा व्यापारियों को गिरफ्तारी के बाद एक-दो दिनों में जमानत मिल जाती है। लेकिन, सख्त कानून बनने के बाद महाराष्ट्र में गुटखा बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध की गुंजाइश बनेगी। बापट ने बुधवार को विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में यह जानकारी दी।
गुटखा से महाराष्ट्र में हो रही सर्वाधिक मौतें
विधान परिषद में विपक्ष के नेता मुंडे ने कहा कि दुनियाभर में गुटखा खाने से सबसे ज्यादा मौत महाराष्ट्र में होती है। राज्य में गुटखा बेचने पर पाबंदी है फिर भी पड़ोसी राज्यों की सीमा से लगातार गुटखा तस्करी हो रही है।
बापट ने माना कि विभागीय अधिकारी गुटखा पाबंदी के कानून को प्रभावी रूप से लागू करने में ढिलाई बरतते हैं। चूंकि मुंबई और आसपास के शहरों में अधिकारी 20-20 सालों से एक ही जगह पर काम कर रहे थे। इसलिए अधिकारियों के सांठगांठ से अवैध तरीके से गुटखा का व्यापार चलता है। लेकिन, अब कई अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।