महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी विभागों में बिलों के भुगतान में तेजी लाने के लिए अहम फैसला किया है। राज्य सरकार के नए फैसले के अनुसार, राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों को 16 जून 2025 से बिजली, पानी, टेलीफोन और संपत्ति कर जैसे यूटिलिटी बिलों का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा।
महाराष्ट्र सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों को 16 जून 2025 से बिजली, पानी, टेलीफोन और संपत्ति कर जैसे यूटिलिटी बिलों का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से करने का आदेश दिया है। राज्य के वित्त विभाग की तरफ से जारी आदेश के अनुसार, 16 जून के बाद जिला कोषागार कार्यालय किसी भी प्रकार के बिल का फिजिकल भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे। यह निर्णय प्रशासनिक कार्यों को डिजिटल रूप से करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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अब तक कैसे होता था भुगतान?
अब तक सरकारी विभागों को अपने बिजली, पानी, फोन आदि के बिल प्रिंट करवा कर जिला कोषागार कार्यालयों में जमा करने होते थे। वहां बिलों की जांच और मंजूरी के बाद भुगतान की प्रक्रिया पूरी होती थी। इस प्रक्रिया में काफी समय और संसाधन खर्च होते थे।
क्यों लाया गया ऑनलाइन सिस्टम?
महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि हर महीने हजारों बिलों को मैनुअली प्रोसेस करना समय लेने वाला और जटिल काम है। इसीलिए अब यह पूरी प्रक्रिया ई-बिल और ई-वाउचर के जरिए ऑनलाइन होगी।
नए आदेश में क्या-क्या है?
अधिकारी अब सभी यूटिलिटी बिलों की स्कैन कॉपी वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। भुगतान की पावती स्पष्ट और पढ़ने योग्य होनी चाहिए। सी-डीएसी की तरफ से विकसित ई-सिग्नेचर सेवा के जरिए बिलों को प्रमाणित करना होगा। सभी लेन-देन की जानकारी सरकारी वेबसाइट पर दर्ज करनी होगी। इससे वरिष्ठ अधिकारी भी इन खर्चों की नियमित समीक्षा कर सकेंगे।
कौन बना रहा है यह सिस्टम?
पुणे स्थित नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) ने यह ऑनलाइन सिस्टम तैयार किया है। इसका सफल परीक्षण पहले पुणे, नासिक और नागपुर में किया गया था। अच्छे परिणामों को देखकर इसे अब पूरे राज्य में लागू किया जा रहा है।
क्या फायदा होगा?
जानकारी के मुताबिक, इससे कर्मचारियों को अब जिला कोषागार कार्यालय जाकर बिल जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कार्य प्रणाली में गति और पारदर्शिता आएगी। सरकार को अपने खर्चों की बेहतर निगरानी करने में मदद मिलेगी। यह फैसला महाराष्ट्र में डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक मजबूत पहल के रूप में देखा जा रहा है।