महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की सलाह के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने एनसीपी सुप्रीमों अध्यक्ष शरद पवार को फोन किया। ठाकरे ने पवार से लॉकडाउन के दौरान उपभोक्ताओं के बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर बात की। लेकिन दोनों नेताओं के बीच मुलाकात के लिए समय तय नहीं हो पाया है। शुक्रवार को पवार ने खुद यह जानकारी दी।
शरद पवार ने कहा कि राज ठाकरे ने मुझे फोन किया था। उन्होंने कहा कि मुझे राज्यपाल ने बिजली बिलों को लेकर आपसे चर्चा करने की सलाह दी है। इस पर मैंने उनसे कहा कि ठीक है, मुझे कोई आपत्ति नहीं। पवार ने यह भी कहा कि राज के साथ बैठक करने के बारे में कुछ तय नहीं हुआ है। क्योंकि मैं तीन से चार दिनों के लिए मुंबई से बाहर जा रहा हूं।
बता दें कि राज ठाकरे ने गुरुवार को राजभवन का रुख किया था। उन्होंने राज्यपाल से मिलकर बिजली बिलों में ग्राहकों को राहत दिलाने के लिए प्रदेश सरकार को निर्देश देने की मांग की थी। इस पर राज्यपाल ने राज को पवार से चर्चा करने की सलाह दी थी। राज ने कहा था कि बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनियां और महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग बढ़े हुए बिलों को कम करने के लिए तैयार है। फिर भी पता नहीं क्यों राज्य सरकार कोई निर्णय नहीं ले रही है।
बिजली बिल में राहत के लिए कैबिनेट में पेश हुआ था प्रस्ताव
लॉकडाउन के समय उपभोक्ताओं को ज्यादा बिजली बिल भेजे गए थे। इसका राज्यभर में विरोध हुआ था, जिसके बाद राज्य के ऊर्जा मंत्री नितिन राऊत ने बिजली बिलों में राहत देने का आश्वासन दिया था। इसके लिए मंत्रिमंडल की बैठक में 1 हजार करोड़ का प्रस्ताव भी पेश किया गया था, लेकिन अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं हो पाया।