महाराष्ट्र सरकार ने हाईकोर्ट में दाखिल किए गए एक हलफनामे में बताया है कि राज्य शहरी नक्सलियों का गढ़ बन गया है। आखिर राज्य सरकार ने ऐसा क्यों कहा? आइए जानते हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने दावा किया है कि राज्य शहरी नक्सलियों (माओवादियों) की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया है। देश में सबसे अधिक 64 सक्रिय संगठन सूबे में सक्रिय हैं। राज्य सरकार ने महाराष्ट्र विशेष सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम 2024 को चुनौती देने वाली कांग्रेस, भाकपा और अन्य सामाजिक संस्थाओं की याचिका के जवाब में यह हलफनामा दाखिल किया है।
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सरकार ने हलफनामे में क्या कहा?
राज्य गृह विभाग के उप सचिव प्रीतम कुमार जावले के माध्यम से हाईकोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे में दावा किया गया है कि राज्यभर में बढ़ते शहरी माओवादियों के नेटवर्क, उनकी अवैध और विनाशकारी गतिविधियों से निपटने के लिए विशेष कानूनी ढांचा आवश्यक है। इसलिए महाराष्ट्र विशेष सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (एमएसपीएसए) 2024 कानून लाया गया है। दरअसल, कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र विशेष सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम 2024 के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इसकी संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है।