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महाराष्ट्र UPDATE: पवार का बड़ा बयान: भाजपा-शिवसेना बनाएं सरकार, हम विपक्ष में बैठेंगे

Wed, 06 Nov 2019 06:44 PM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

  • कांग्रेस, एनसीपी को जिम्मेदार विपक्ष बनने का जनादेश मिला है, भाजपा-शिवसेना सरकार बनाएं: पवार
  • मैं चार बार मुख्यमंत्री रह चुका हूं, अब फिर से मुख्यमंत्री बनने के लिए मुझे ज्यादा बेसब्री नहीं है: पवार
  • महाराष्ट्र पर कांग्रेस ने क्या फैसला लिया है, इसकी मुझे जानकारी नहीं है: पवार
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मीडिया से बातचीत करते शरद पवार - फोटो : ani
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विस्तार
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महाराष्ट्र में सरकार गठन का रास्ता अब तक साफ नहीं हो पाया है। भाजपा-शिवसेना के बीच सीएम पद को लेकर फंसा पेच अबतक सुलझ नहीं पाया है। इस बीच एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने  साफ किया कि उनकी पार्टी को जनादेश नहीं मिला है। आज दिनभर सियासी मुलाकातों और कयासबाजी का दौर जारी रहा। जानिए अबतक का अपडेट--

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राउत बोले, भाजपा सरकार बनाने का दावा करे तो एतराज नहीं 

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा- हमने राज्यपाल से मुलाकात की। आरपीआई के रामदास अठावले ने भी उनसे मुलाकात की। अगर गुरुवार को भाजपा नेता राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा करते हैं तो उन्हें सरकार बनाना चाहिए। वह सबसे बड़ी पार्टी है। हम लगातार यही कह रहे हैं। 



मुनगंटीवार बोले- अच्छी खबर कभी भी आ सकती है

भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा- आप कितनी भी कोशिश कर लें पानी को अलग नहीं कर सकते। शिवसेना और भाजपा साथ हैं। किसानों के मुद्दे पर आज हमारी अच्छी बैठक हुई। हमें खबर का इंतजार करना चाहिए। अच्छी खबर कभी भी आ सकती है। 

 

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भाजपा-शिवसेना बनाएं सरकार 

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को भाजपा और शिवसेना से कहा कि वह महाराष्ट्र में जल्द से जल्द सरकार का गठन करें। साथ ही अपने रुख पर अडिग रहते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी एक जिम्मेदार विपक्ष के तौर पर काम करेगी। शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत से बुधवार सुबह मुलाकात के बाद पवार ने पत्रकारों से कहा कि वह फिर से राज्य का मुख्यमंत्री बनने के लिए बेताब नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा और शिवसेना को जल्द से जल्द सरकार का गठन करना चाहिए। हम एक जिम्मेदार विपक्ष के तौर पर काम करेंगे। एनसीपी प्रमुख ने एक बार फिर दोहराया कि उनकी पार्टी और कांग्रेस को एक जिम्मेदार विपक्ष होने का जनादेश मिला है। पवार ने कहा कि मैं चार बार मुख्यमंत्री रहा हूं और अब मुझे दोबारा उस पद को हासिल करने की कोई बेसब्री नहीं है। एक सवाल के जवाब में पवार ने कहा कि कांग्रेस ने महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर क्या फैसला किया है इसका उन्हें कोई अंदाजा नहीं है।

 

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल के बीच दिल्ली में हुई मुलाकात पर उन्होंने कहा कि जरूर सड़क से संबंधित कोई काम होगा। इससे पहले शिवसेना सांसद संजय राउत शरद पवार से मुलाकात की। पवार से मुलाकात के बाद राउत ने कहा कि वह राज्य और देश के एक वरिष्ठ नेता हैं। महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति को लेकर वह चिंतित हैं।  राज्यसभा सदस्य राउत ने पहले कहा था कि उनकी पार्टी ढाई-ढाई वर्ष के लिए मुख्यमंत्री पद साझा करने सहित सत्ता के बंटवारे को लेकर भाजपा से लिखित आश्वासन चाहती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद साझा करने को लेकर चुनाव से पहले ही सहमति हो गई थी।

शिवसेना के मंत्री किसानों के मुद्दों पर फड़णवीस की बैठक में शामिल हुए

वहीं शिवसेना के छह निवर्तमान मंत्री राज्य में कृषि संकट पर निवर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा बुधवार को बुलाई गई बैठक में शामिल हुए। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि एकनाथ शिंदे और रामदास कदम सहित शिवसेना के मंत्री दक्षिणी मुंबई स्थित सहयाद्रि राज्य अतिथिगृह में बुलाई गई बैठक में पहुंचे। 
 


 

 

 

भाजपा से न कोई नया प्रस्ताव मिला है और न उन्हें भेजा गया है :  राउत

शिवसेना नेता संजय राउत ने फिर कहा है कि हम केवल उस प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे जिसे हमने विधानसभा चुनाव से पहले स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ अब नए प्रस्तावों पर कोई भी बातचीत नहीं होगी। भाजपा से न कोई नया प्रस्ताव मिला है और न उन्हें भेजा गया है। भाजपा और शिवसेना ने चुनावों से पहले सीएम के पद पर एक समझौता किया था और उसके बाद ही हम चुनाव के लिए गठबंधन के रूप में आगे बढ़े। राउत ने कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की साजिश रचने वाले लोग जनादेश का अपमान कर रहे हैं।

 

 

सीएम पद देने का सवाल ही नहीं

महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़े एक वरिष्ठ  नेता के मुताबिक शिवसेना को सीएम पद देने का सवाल ही नहीं है। अगर शिवसेना को डिप्टी सीएम का पद मिलेगा तो उसे मंत्रिमंडल में अधिक से अधिक 40 फीसदी की हिस्सेदारी दी जाएगी। हां, इस क्रम में उसे कुछ महत्वपूर्ण मंत्रालय दिये जा सकते हैं। इससे ज्यादा कुछ नहीं। अगर फिर भी शिवसेना सीएम पद के लिए अड़ी रही तो राज्य में सरकार के गठन में देरी होना तय है। क्योंकि भाजपा सीएम और कार्यकाल का आधा-आधा बंटवारे की शर्त को किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।

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