महाराष्ट्र में सरकार गठन का रास्ता अब तक साफ नहीं हो पाया है। भाजपा-शिवसेना के बीच सीएम पद को लेकर फंसा पेच अबतक सुलझ नहीं पाया है। इस बीच एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने साफ किया कि उनकी पार्टी को जनादेश नहीं मिला है। आज दिनभर सियासी मुलाकातों और कयासबाजी का दौर जारी रहा। जानिए अबतक का अपडेट--
राउत बोले, भाजपा सरकार बनाने का दावा करे तो एतराज नहीं
शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा- हमने राज्यपाल से मुलाकात की। आरपीआई के रामदास अठावले ने भी उनसे मुलाकात की। अगर गुरुवार को भाजपा नेता राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा करते हैं तो उन्हें सरकार बनाना चाहिए। वह सबसे बड़ी पार्टी है। हम लगातार यही कह रहे हैं।
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल के बीच दिल्ली में हुई मुलाकात पर उन्होंने कहा कि जरूर सड़क से संबंधित कोई काम होगा। इससे पहले शिवसेना सांसद संजय राउत शरद पवार से मुलाकात की। पवार से मुलाकात के बाद राउत ने कहा कि वह राज्य और देश के एक वरिष्ठ नेता हैं। महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति को लेकर वह चिंतित हैं। राज्यसभा सदस्य राउत ने पहले कहा था कि उनकी पार्टी ढाई-ढाई वर्ष के लिए मुख्यमंत्री पद साझा करने सहित सत्ता के बंटवारे को लेकर भाजपा से लिखित आश्वासन चाहती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद साझा करने को लेकर चुनाव से पहले ही सहमति हो गई थी।
शिवसेना के मंत्री किसानों के मुद्दों पर फड़णवीस की बैठक में शामिल हुए
वहीं शिवसेना के छह निवर्तमान मंत्री राज्य में कृषि संकट पर निवर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा बुधवार को बुलाई गई बैठक में शामिल हुए। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि एकनाथ शिंदे और रामदास कदम सहित शिवसेना के मंत्री दक्षिणी मुंबई स्थित सहयाद्रि राज्य अतिथिगृह में बुलाई गई बैठक में पहुंचे।
शिवसेना नेता संजय राउत ने फिर कहा है कि हम केवल उस प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे जिसे हमने विधानसभा चुनाव से पहले स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ अब नए प्रस्तावों पर कोई भी बातचीत नहीं होगी। भाजपा से न कोई नया प्रस्ताव मिला है और न उन्हें भेजा गया है। भाजपा और शिवसेना ने चुनावों से पहले सीएम के पद पर एक समझौता किया था और उसके बाद ही हम चुनाव के लिए गठबंधन के रूप में आगे बढ़े। राउत ने कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की साजिश रचने वाले लोग जनादेश का अपमान कर रहे हैं।