कर्नाटक सरकार कृष्णा नदी पर बने अलमट्टी बांध की ऊंचाई 519.60 मीटर से बढ़ाकर 524.256 मीटर करना चाहती है। इस पर महाराष्ट्र सरकार ने आपत्ति जताई है। महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र से अपील की है कि वह कर्नाटक को बांध की ऊंचाई बढ़ाने से रोकने के लिए हस्तक्षेप करे, क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो कोल्हापुर और सांगली जिलों में बाढ़ आ सकती है।
महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को केंद्र सरकार से अपील की है कि वह कर्नाटक को कृष्णा नदी पर बने अलमट्टी बांध की ऊंचाई बढ़ाने से रोकने के लिए हस्तक्षेप करे। महाराष्ट्र सरकार का तर्क है कि अगर ऐसा हुआ तो कृष्णा नदी का पानी पीछे की ओर भर जाएगा। ऐसा होने से से कोल्हापुर और सांगली जिलों में बाढ़ आ सकती है।
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महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल ने इस संबंध में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल को एक ज्ञापन दिया है। ज्ञापन में कहा गया है कि कर्नाटक सरकार बांध की ऊंचाई 519.60 मीटर से बढ़ाकर 524.256 मीटर करना चाहती है। यदि ऐसा हुआ तो कृष्णा नदी बेसिन में स्थित बाढ़-प्रवण सांगली और कोल्हापुर जिलों के लिए गंभीर और अपरिवर्तनीय परिणाम होंगे।
महाराष्ट्र सरकार ने पहले भी इस मुद्दे पर जताई है आपत्ति: पाटिल
विखे-पाटिल द्वारा केंद्रीय मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि महाराष्ट्र ने पहले भी इस मुद्दे पर आपत्ति जताई है और इसके नुकसान से जुड़े आंकड़े भी दिए हैं। विखे-पाटिल ने कहा, 'हम अलमट्टी बांध की ऊंचाई बढ़ाने की मंजूरी रद्द करने के लिए आपके हस्तक्षेप की मांग करते हैं।' विखे-पाटिल के साथ बैठक में सांसद, महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य और राज्य सरकार के मंत्री मौजूद थे।
2019 और 2021 में भारी बारिश के चलते सांगली-कोल्हापुर में आई थी भीषण बाढ़
विखे-पाटिल ने बताया कि 2019 और 2021 में बहुत भारी बारिश हुई थी, और अलमट्टी बांध के बैकवाटर के कारण सांगली और कोल्हापुर जिलों में भीषण बाढ़ आई थी। विखे-पाटिल ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही केंद्र को इस बारे में पत्र लिख चुके हैं और उन्होंने बांध की प्रस्तावित ऊंचाई बढ़ाने पर कड़ी आपत्ति जताई थी।