महाराष्ट्र में किसानों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। गुरुवार को शुरू हुए इस आंदोलन का आज दुसरा दिन है। बढ़ते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने सख्त कदम उठाए और आंदोलन पर काबू पाने के लिए नासिक के कई हिस्से में धारा 144 लागू कर दी गई है। जिसके बाद किसानों ने 5 जून को पूरे राज्य में बंद का ऐलान कर दिया है।
बता दें कि किसान कर्जमाफी और फसल की अच्छी कीमत के लिए सराकार से मांग कर रहे हैं। किसानों ने गुरुवार को शिर्डी, नासिक, पुणे, सातारा और कोल्हापुर जिले में दूध रोड़ पर फेंक सरकार का विरोध किया। किसानों की हड़ताल के चलते राज्य में दूध, फल और सब्जी की किल्लत बढ़ने लगी है।
मुंबई की सबसे बड़ी एपीएमसी बाजार में आंदोलन की वजह से सब्जियों की आवक 30 फीसदी और पुणे में आवक 50 फीसदी घट गई। आंदोलन कर रहे किसानों ने फड़णवीस सरकार से कहा है कि उत्तरप्रदेश सरकार की तरह कर्ज माफ करो अन्यथा मुंबई जैसे बड़े शहरों को दूध और सब्जी की सप्लाई पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी।
महाराष्ट्र में कर्ज से वंचित किसानों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे हैं। किसानों ने इस संबंध में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पूर्ण कर्ज माफी की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने एक महीने का वक्त मांगा।