फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Farmers March: प्याज की कीमतों पर मुंबई कूच कर रहे किसानों ने पदयात्रा समाप्त की, जानें क्यों लिया फैसला

Sat, 18 Mar 2023 02:47 PM IST
कुमार विवेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
किसानों का मार्च - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्य विधानसभा में कहा कि उन्होंने किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ उनकी मांगों को लेकर चर्चा की है, जिसके एक दिन बाद नासिक से मुंबई की ओर मार्च कर रहे हजारों किसानों ने अपना आंदोलन और पदयात्रा वापस लेने का फैसला किया है। भाकपा नेता और पूर्व विधायक जीवा पांडु गावित, जो 200 किलोमीटर लंबे मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं ने आज मार्च समाप्त करने के फैसले की घोषणा की।

विज्ञापन

सरकार की ओर से कदम उठाने के बाद आंदोलन वापस लेने का हुआ निर्णय
जीवा पांडु गावित ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने वादों को पूरा करने के लिए तत्काल कदम उठाए हैं, जिला कलेक्टरों ने नासिक और कई अन्य स्थानों का दौरा किया है। गावित ने कहा, "हमें डर था कि सरकार सिर्फ आश्वासन देगी और मांगों पर कार्रवाई नहीं करेगी। हालांकि, अब जब उन्होंने उचित कार्रवाई शुरू कर दी है, तो हमने अपना आंदोलन वापस लेने का फैसला किया है। सभी किसान घर लौट रहे हैं।
350 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से किसानों को दी जाएगी राहत राशि
महाराष्ट्र के सीएम शिंदे ने कहा कि उन्होंने किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ वन अधिकारों, वन भूमि के अतिक्रमण, मंदिर ट्रस्टों और चराई के मैदानों की भूमि को खेती के लिए किसानों को हस्तांतरित करने सहित 14 बिंदुओं पर चर्चा की है। किसानों से अपना लंबा मार्च वापस लेने की अपील करते हुए श्री शिंदे ने कहा था कि लिए गए निर्णयों को तुरंत लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्याज की कम कीमतों और बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान के कारण प्रभावित प्याज उत्पादकों को वित्तीय राहत के रूप में 350 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन

सीएम शिंदे बोले- प्याज के अधिक उत्पादन के कारण हालात बिगड़े
किसानों ने प्याज के लिए 600 रुपये प्रति क्विंटल राहत, 12 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति और कृषि ऋण माफ करने की मांग कर रहे थे। महाराष्ट्र में प्याज की कीमतों में भारी गिरावट से किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा है कि अधिक उत्पादन के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। किसान सोयाबीन, कपास और अरहर की कीमतों में गिरावट को रोकने के लिए कदम उठाने और हाल ही में बेमौसम बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने की भी मांग कर रहे थे।जुलूस में शामिल लोग 2005 के बाद सेवा में शामिल हुए राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की भी मांग कर रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें