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महाराष्ट्र में किसानों के ‘लॉन्ग मार्च’ पर राज्य सरकार गंभीर: फडणवीस का आश्वासन- सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई तय

Tue, 27 Jan 2026 10:59 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

नासिक से मुंबई की ओर बढ़ रहे किसानों के ‘लॉन्ग मार्च’ के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एआईकेएस को आश्वासन दिया। सरकार ने वन अधिकार दावों की दोबारा जांच, फसलों का उचित मूल्य और धान बोनस देने, साथ ही बिजली जैसी अहम मांगों पर गंभीरता जताई।

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सीएम देवेंद्र फडणवीस और किसान संगठन के बीच बातचीत - फोटो : ANI/PTI
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विस्तार
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महाराष्ट्र में किसानों के ‘लॉन्ग मार्च’ को लेकर मंगलवार को अहम मोड़ आया। नासिक से पैदल मुंबई की ओर बढ़ रहे हजारों किसानों की मांग को लेकर महाराष्ट्र सरकार और किसान संगठन के बीच बातचीत हुई। इस बातचीत के बाद ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) ने दावा किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हुई बातचीत में किसानों को आश्वासन मिला कि उनकी फसल, वन अधिकार और बिजली जैसी अहम मांगों पर

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सरकार गंभीर है।

बता दें कि एआईकेएस का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास ‘वर्षा’ में मिला। इससे पहले प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय में करीब दो घंटे तक कई मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। हालांकि देर रात तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।

वन अधिकारों पर बड़ा फैसला
एआईकेएस नेता नवलें ने बताया कि सरकार ने माना है कि वन विभाग की गलत रिपोर्टिंग के कारण कई किसानों के वन अधिकार दावों में गड़बड़ी हुई है। अब हर जिले में उप-विभागीय अधिकारी (एसडीओ) की अध्यक्षता में समितियां बनेंगी, जो तीन महीने में सभी मामलों की दोबारा जांच करेंगी। फसलों का निरीक्षण भी होगा, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। इतना ही नहीं सरकार ने वन भूमि पर खेती करने वाले किसानों से धान और आदिवासी फसलों जैसे वरई, नागली, सावा, साथ ही स्ट्रॉबेरी और बाल हिरडा को उचित दाम पर खरीदने और धान बोनस देने पर सहमति जताई है।

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मंदिर भूमि और पानी का मुद्दा
मंदिर की जमीन किसानों के नाम करने के लिए कानून का मसौदा तैयार किया जा रहा है। AIKS ने इसमें बदलाव की मांग की है, जिस पर आठ दिन में बैठक होगी। इसके अलावा, आदिवासी इलाकों की पश्चिम की ओर बहने वाली नदियों के पानी को स्थानीय और सूखाग्रस्त क्षेत्रों में रोकने के लिए चेक डैम बनाने की योजना पर भी सहमति बनी है।

बिजली, नौकरियां और स्कूल
सरकार ने सिंचाई के लिए रात की बजाय दिन में बिजली देने पर विचार करने, पेसा कानून के तहत खाली पदों पर भर्ती, और मिड-डे मील कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी का भरोसा दिया है। दूरदराज आदिवासी क्षेत्रों में स्कूलों की मरम्मत और शिक्षकों की भर्ती का भी वादा किया गया।
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आंदोलन पर फैसला जल्द
इसके साथ ही किसान सभा ने कहा कि आंदोलन वापस लेने पर फैसला ठाणे के खारदी में जुटे किसानों से चर्चा के बाद लिया जाएगा। बुधवार को मंत्री गिरीश महाजन और नासिक के कलेक्टर किसानों को संबोधित करेंगे, जिसके बाद अगला कदम तय होगा। गौरतलब है कि किसान रविवार को नासिक से पैदल मार्च पर निकले थे और दो दिन में करीब 60 किलोमीटर चलकर मंगलवार को ठाणे जिले में दाखिल हुए।

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