नासिक से मुंबई की ओर बढ़ रहे किसानों के ‘लॉन्ग मार्च’ के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एआईकेएस को आश्वासन दिया। सरकार ने वन अधिकार दावों की दोबारा जांच, फसलों का उचित मूल्य और धान बोनस देने, साथ ही बिजली जैसी अहम मांगों पर गंभीरता जताई।
महाराष्ट्र में किसानों के ‘लॉन्ग मार्च’ को लेकर मंगलवार को अहम मोड़ आया। नासिक से पैदल मुंबई की ओर बढ़ रहे हजारों किसानों की मांग को लेकर महाराष्ट्र सरकार और किसान संगठन के बीच बातचीत हुई। इस बातचीत के बाद ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) ने दावा किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हुई बातचीत में किसानों को आश्वासन मिला कि उनकी फसल, वन अधिकार और बिजली जैसी अहम मांगों पर
बता दें कि एआईकेएस का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास ‘वर्षा’ में मिला। इससे पहले प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय में करीब दो घंटे तक कई मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। हालांकि देर रात तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।
वन अधिकारों पर बड़ा फैसला
एआईकेएस नेता नवलें ने बताया कि सरकार ने माना है कि वन विभाग की गलत रिपोर्टिंग के कारण कई किसानों के वन अधिकार दावों में गड़बड़ी हुई है। अब हर जिले में उप-विभागीय अधिकारी (एसडीओ) की अध्यक्षता में समितियां बनेंगी, जो तीन महीने में सभी मामलों की दोबारा जांच करेंगी। फसलों का निरीक्षण भी होगा, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। इतना ही नहीं सरकार ने वन भूमि पर खेती करने वाले किसानों से धान और आदिवासी फसलों जैसे वरई, नागली, सावा, साथ ही स्ट्रॉबेरी और बाल हिरडा को उचित दाम पर खरीदने और धान बोनस देने पर सहमति जताई है।