कांग्रेस सांसद शशि थरूर मंगलवार को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के घर पर हुई पार्टी मीटिंग में शामिल नहीं हुए। उन्होंने पहले से तय यात्रा का हवाला दिया है। बैठक में मौजूद वरिष्ठ पार्टी नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पी चिदंबरम, जयराम रमेश, प्रमोद तिवारी और मनीष तिवारी जैसे नेता शामिल थे।
कांग्रेस में पिछले चार दिनों में यह दूसरी उच्च स्तरीय नेताओं की बैठक थी, जिसमें थरूर शामिल नहीं हुए। पिछले हफ्ते वह आने वाले केरल विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई बैठक में भी मौजूद नहीं थे। बैठक में शामिल न होने के लेकर शशि थरूर की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है।
'मुझे जो भी मुद्दे उठाने हैं, मैं उन्हें सीधे पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाऊंगा'
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, मुझे जो भी मुद्दे उठाने हैं, मैं उन्हें सीधे पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाऊंगा। इसमें कोई शक नहीं कि मुझे वह मौका मिलेगा, खासकर जब संसद के सत्र के दौरान सब साथ होंगे। आज की बैठक में शामिल न होने की बात करें तो, निमंत्रण कल या परसों ही आया था, तब तक मेरे ट्रैवल प्लान पहले ही तय हो चुके थे। सत्र चल रहा था, इसलिए मैंने दुबई से दिल्ली के लिए सीधे टिकट बुक कर लिया था।
पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, शशि थरूर दुबई से वापस आ रहे थे और उन्होंने नेतृत्व को अपनी गैरमौजूदगी के बारे में पहले ही बता दिया था। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा। सत्र का पहला हिस्सा 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक होगा।
थरूर ने माकपा के साथ बातचीत की खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार किया
कांग्रेस की बैठक से गायब रहने के बाद ऐसी खबरें सामने आई थीं कि शशि थरूर मापका में शामिल हो सकते हैं। जिस पर कांग्रेस नेता ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने दुबई की यात्रा के दौरान ऐसी खबरें देखीं, लेकिन विदेश में रहते हुए ऐसे मामलों पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य के किसी अन्य राजनीतिक दल में जाने की अटकलें इन दावों के बाद सामने आईं कि वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा कोच्चि में हाल के एक कार्यक्रम में उनकी कथित तौर पर उपेक्षा किए जाने और राज्य में पार्टी नेताओं द्वारा उन्हें दरकिनार करने से नाराज हैं।
केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के संयोजक टीपी रामकृष्णन ने रविवार को थरूर के साथ किसी भी तरह की चर्चा की खबरों से इनकार किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि एलडीएफ और माकपा ऐसे व्यक्तियों, समूहों या पार्टियों को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं जो वाम मोर्चे के राजनीतिक रुख को स्वीकार करते हैं।
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