Maharashtra: पीड़ित की बेटी की 13 दिसंबर को मौत हो गई। जब उसे आष्टी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया तो चिकित्सकों ने हमारे साथ अभद्र व्यवहार किया। एक पुलिसकर्मी ने हमारे रिश्तेदारों से कहा कि मेरी बेटी एचआईवी से संक्रमित है
महाराष्ट्र के बीड जिले के एक मजदूर ने दावा किया है कि उसके परिवार को इस अफवाह के चलते सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। आसपास यह अफवाह फैल गई कि उसकी विवाहित बेटी की मौत एचआईवी के कारण हुई है।
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जिले के बीडसांगवी गांव के रहने वाले मजदूर ने अपनी स्थिति के लिए एक पुलिसकर्मी और एक सरकारी चिकित्सक को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का दावा है कि उनकी बेटी को मई 2023 से उसके ससुराल वालों द्वारा परेशान किया जा रहा था, जिसके कारण उसे अक्टूबर 2024 में पुलिस में शिकायत दर्ज करानी पड़ी।
मजदूर ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि मेरी बेटी की 13 दिसंबर को मौत हो गई। जब उसे आष्टी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया तो चिकित्सकों ने हमारे साथ अभद्र व्यवहार किया। एक पुलिसकर्मी ने हमारे रिश्तेदारों से कहा कि मेरी बेटी एचआईवी से संक्रमित है और उसने उनसे अंतिम संस्कार में शामिल न होने को कहा। एक चिकित्सक ने भी यही कहा।
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पीड़ित ने बताई मौत की वजह
मजदूर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी मृत बेटी के ससुराल वालों के साथ मिलीभगत की है। उसने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने उसकी बेटी को उसके ससुराल वालों द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी की मौत से जुड़ी अफवाह के कारण उनके बेटे और दूसरी बेटी ने परिवार से अलग रहना शुरू कर दिया। मजदूर ने यह भी दावा किया कि गांव वालों ने उनके परिवार से बातचीत करना बंद कर दिया है और उन्हें सामाजिक रूप से लगभग बहिष्कृत कर दिया गया है।
बीड के पुलिस अधीक्षक नवनीत कंवत ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि मजदूर ने जिस पुलिसकर्मी पर आरोप लगाया है उसने केवल वही कहा जो चिकित्सक ने उसे बताया था (महिला की कथित एचआईवी पॉजिटिव स्थिति के बारे में)। जिला सिविल अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि जांच आज शाम तक पूरी हो जाएगी।