Maharashtra Election: दरअसल, इस बार लोकसभा के चुनावों में हरियाणा की तरह महाराष्ट्र में भी महायुति और एमवीए गठबंधन के बीच वोटों का अंतर बहुत कम रहा है। इस चुनाव में भाजपा की अगुवाई वाले महायुति गठबंधन को 43.55 प्रतिशत वोट मिले थे।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए तारीखों की घोषणा हो गई है। राज्य में सभी 288 विधानसभा सीटों के लिए 20 नवंबर को एक ही फेज में वोट डाले जाएंगे और 23 नवंबर को चुनाव नतीजों का ऐलान होगा। इस चुनाव में भाजपा हरियाणा फॉर्मूले पर चलते हुए महाराष्ट्र में भी वापसी की उम्मीद कर रही है।
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दरअसल, इस बार लोकसभा के चुनावों में हरियाणा की तरह महाराष्ट्र में भी महायुति और एमवीए गठबंधन के बीच वोटों का अंतर बहुत कम रहा है। इस चुनाव में भाजपा की अगुवाई वाले महायुति गठबंधन को 43.55 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस की अगुवाई वाले इंडिया गठबंधन (महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी) के दलों को 43.71 प्रतिशत वोट हासिल हुए थे। दोनों गठबंधनों के वोटों में कोई बड़ा अंतर नहीं है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी सभी दल अपने पहले के दलों के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ रहे हैं और गठबंधनों की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। ऐसे में माना जा रहा है कि सभी दलों की वोट खींचने की क्षमता भी लगभग उसी तरह बनी रहेगी। ऐसे में भाजपा नेता मानते हैं कि वोटों के थोड़े-बहुत अंतर से हार-जीत किसी भी तरफ मुड़ सकती है। यही कारण है कि भाजपा महाराष्ट्र में भी छोटे-छोटे वर्गों को अपने साथ जोड़ने के फॉर्मूले पर काम कर रही है।
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हरियाणा में क्या हुआ था
हरियाणा में भी दस साल सरकार चला चुकी भाजपा के लिए सरकार में वापसी की राह कठिन मानी जा रही थी। लेकिन भाजपा ने अंतिम क्षणों तक पूरी कोशिश की और हरियाणा की सभी गैर जाट जातियों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश की। अंततः सभी गैर जाटों को अपने साथ जोड़ने का भाजपा का फॉर्मूला कारगर रहा और उसने राज्य की सत्ता में जबरदस्त वापसी की। अब यही फॉर्मूला महाराष्ट्र में भी अपनाने की कोशिश की जा रही है।
महाराष्ट्र भाजपा प्रवक्ता अभिषेक मिश्रा ने अमर उजाला से कहा कि महायुति गठबंधन इस बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में सफल रहेगा। एकनाथ शिंदे सरकार ने अपने कार्यकाल में समाज के सभी वर्गों को एक साथ लाने की कोशिश की है, इसी छोटे से कार्यकाल में समाज के सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं चालू की गई हैं। इनका असर दिखाई देगा और जनता एक बार फिर उन्हें सरकार चलाने का अवसर देगी।