फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिवसेना आज करेगी प्रत्याशियों के नाम पर विचार, तय हो सकता है भाजपा से गठबंधन का भविष्य

Sat, 28 Sep 2019 04:01 AM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

  • महाराष्ट्र चुनाव : शिवसेना की आज अहम बैठक
  • मौजूदा सत्ताधारी गठबंधन के दोनों घटक दलों में नहीं बन पा रही है सीट बंटवारे पर सहमति
विज्ञापन
संजय राउत-उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के साथ सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर नहीं बन पा रही सहमति के बीच शिवसेना ने शनिवार को एक अहम बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की तरफ से बुलाई गई शीर्ष नेताओं की इस बैठक में शिवसेना 21 अक्तूबर को होने वाले चुनाव के लिए भाजपा के साथ गठबंधन का भविष्य तय कर सकती है। 

विज्ञापन


फिलहाल सीधेतौर पर शिवसेना के किसी भी पदाधिकारी ने यह बात नहीं कही है। लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा के साथ गठबंधन की वार्ता फेल होने की स्थिति में शिवसेना राज्य में सभी 288 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है। इन्हीं तैयारियों की समीक्षा के लिए यह बैठक बुलाई गई है। 

शिवसेना की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, इस बैठक में पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ जिला और तालुका प्रमुख भी शामिल होंगे। साथ ही विधानसभा चुनाव में टिकट पाने के लिए जिन उम्मीदवारों का साक्षात्कार किया गया था, उन्हें भी बैठक में आमंत्रित किया गया है।
विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि यह बैठक बुलाने का फैसला बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र भाजपा के नेताओं की अपने राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ नई दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद आई खबरों के चलते लिया गया है। इन खबरों में कहा गया था कि इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल आदि ने शीर्ष नेतृत्व को सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारियों की जानकारी दी थी। 
 

विज्ञापन

नहीं बन पा रही है दोनों दलों में सहमति

राजग के मुख्य घटक दल होने के बावजूद भाजपा और शिवसेना विधानसभा चुनाव के लिए 2014 की राह पर चलते दिखाई दे रहे हैं, जब दोनों ने लोकसभा चुनाव में एकसाथ उतरने के बाद विधानसभा चुनाव में अलग-अलग लड़ा था।

तब राज्य की 288 सीटों में से 185 पर इन दोनों दलों ने कब्जा किया था। 2014 में भाजपा को 122 और शिवसेना को 63 सीटों पर जीत मिली थी, लेकिन यह माना गया था कि इन दोनों दलों के गठबंधन में उतरने पर यह आंकड़ा और बड़ा हो सकता था। इस बार भी दोनों दलों में यही तनातनी चल रही है।

भाजपा जहां शिवसेना को अधिकतम 120 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का प्रस्ताव दे रही है। वहीं शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बराबर बंटवारे और 2.5-2.5 साल के लिए दोनों पार्टियों को अपना-अपना मुख्यमंत्री बनाने का मौका मिलने की शर्त पर अड़े हुए हैं। हालांकि इससे पहले शिवसेना के एक शीर्ष नेता ने अपनी पार्टी के 135 सीटों पर तैयार हो जाने की बात भी कही थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें