लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने महाराष्ट्र के अमरावती से सांसद नवनीत राणा के उत्पीड़न के मामले में महाराष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों को तलब किया है। राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और मुंबई के पुलिस आयुक्त को 15 जून को समिति के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया है।
सांसद राणा ने गत दिनों मुंबई में गिरफ्तारी और जेल में रखे जाने के दौरान अपने उत्पीड़न की शिकायत विशेषाधिकार समिति से की थी। इसी मामले में महाराष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों को समिति ने तलब किया है। भाजपा सांसद सुनील सिंह के अध्यक्षता वाली समिति अगले सप्ताह मामले की सुनवाई करेगी। सांसद राणा ने अपने साथ हुए दुर्व्यवहार की लोकसभा स्पीकर से शिकायत की थी। स्पीकर ने यह मामला विशेषाधिकार समिति को सौंप दिया था।
अमरावती की सांसद ने विशेषाधिकार हनन के आरोप में संसद की विशेषाधिकार और आचार समिति को लिखा था। उन्होंने मुंबई के खार पुलिस थाने में अवैध गिरफ्तारी और अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया था। राणा ने 23 मई को विशेषाधिकार समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा था। इससे पूर्व 25 अप्रैल को स्पीकर ओम बिरला ने विशेषाधिकार के गंभीर उल्लंघन की राणा की शिकायत समिति के पास भेज दी थी।
समिति ने राणा का पक्ष सुनने के बाद महाराष्ट्र के मुख्य सचिव मनु कुमार श्रीवास्तव, पुलिस महानिदेशक रजनीश सेठ, मुंबई के पुलिस आयुक्त संजय पांडेय, भायकुला महिला जिला जेल अधीक्षक यशवंत भानुदास को 15 जून को समिति के समक्ष हाजिर होने का निर्देश दिया है।
उल्लेखनीय है कि नवनीत राणा व उनके विधायक पति रवि राना को 23 अप्रैल को उनके मुंबई स्थित निवास से उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब उन्होंने मुंबई के बांदा में सीएम व शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के निवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने का एलान किया था। राणा दंपती के खिलाफ देशद्रोह व अन्य धाराओं में दो केस दर्ज किए गए थे। राणा दंपती को 4 मई को कोर्ट ने जमानत दी थी और 5 मई को वे जेल से रिहा किए गए थे।