इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी उपनाम मामले में सजा पर रोक की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कांग्रेस नेता ने 2019 के मानहानि मामले के संबंध में सात जुलाई को दिए गए गुजरात हाईकोर्ट के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी शहर की एक कोर्ट राहुल गांधी के खिलाफ अपील करने वाले शिकायतकर्ता का बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। शिकायतकर्ता ने कांग्रेस नेता पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को महात्मा गांधी की हत्या से जोड़कर बदनाम करने का आरोप लगाया है।
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संघ कार्यकर्ता ने की थी शिकायत
संघ कार्यकर्ता और शिकायतकर्ता राजेश कुंटे की एग्जामिनेशन-इन-चीफ शनिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) एलसी वाडिकर की अदालत में पूरी हुई। इस प्रक्रिया में किसी साक्षी की उस पक्ष के वकील द्वारा परीक्षण किया जाता है, जो उसे बुलाता है।
अगली सुनवाई पांच अगस्त को
राहुल गांधी के वकील नारायण अय्यर ने कहा कि कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई पांच अगस्त को तय की है। इस तारीख से ही कुंटे से जिरह शुरू होगी। इस बीच बताया जा रहा है कि कोर्ट ने मामले में शिकायतकर्ता की ओर से दाखिल अतिरिक्त दस्तावेज भी मंजूर कर लिए हैं।
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मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देने की तैयारी
अतिरिक्त दस्तावेज की मंजूरी के मामले में अय्यर ने बताया कि बचाव पक्ष मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देगा। बाकी मामले की कार्यवाही जारी रखी जाएगी। बता दें कि कुंटे ने 2014 में एक रैली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर महात्मा गांधी की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाने वाले राहुल गांधी के कथित बयान को लेकर उनके खिलाफ एक निजी शिकायत दायर की थी।
राहुल ने खटाखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
इससे पहले राहुल ने मोदी उपनाम मामले में सजा पर रोक की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कांग्रेस नेता ने 2019 के मानहानि मामले के संबंध में सात जुलाई को दिए गए गुजरात हाईकोर्ट के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है। राहुल गांधी ने ‘एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड’ प्रसन्ना एस. के जरिए याचिका दायर की है। सात जुलाई को हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका खारिज कर दी थी और दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार करने वाले सत्र अदालत के आदेश को बरकरार रखा था।