कई बीमारियों से जूझ रहे थे जयप्रकाश छाजेड
सूत्रों ने बताया कि छाजेड कई बीमारियों से जूझ रहे थे। उन्हें नागपुर में कांग्रेस की एक बैठक में हिस्सा लेने जाना था, लेकिन उनके बेटों ने उनके स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें यात्रा न करने की सलाह दी।
नासिक के निजी अस्पताल में ली अंतिम सांस
मंगलवार शाम छाजेड को उस वक्त दिल का दौरा पड़ा, जब वह अपने बेटे से बात कर रहे थे। सूत्रों ने कहा, छाजेड को नासिक शहर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने रात करीब साढ़े दस बजे अंतिम सांस ली।
विलासराव देशमुख के भरोसेमंद सहयोगियों में एक थे छाजेड
पूर्व एमएलसी के परिवार में उनकी पत्नी और नासिक की पूर्व डिप्टी मेयर शोभा छाजेड और तीन बेटे हैं। उन्होंने पार्टी संगठन में विभिन्न पदों पर काम किया। वह तत्कालीन मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के भरोसेमंद सहयोगियों में से एक माने जाते थे। छाजेड ने तीन बार विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन किसी में भी जीत नहीं पाए थे। बाद में उन्हें विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) के रूप में चुना गया।
एमएसआरटीसी के श्रमिकों की विभिन्न यूनियनों को किया एकजुट
छाजेड़, भारतीय राष्ट्रीय ट्रेन यूनियन कांग्रेस (इंटक) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष भी रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के श्रमिकों की विभिन्न यूनियनों को एकजुट किया और उनके अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। बुधवार शाम यानी आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस ने किया उनके योगदान को याद
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने छाजेड को एक ऐसे वरिष्ठ नेता के रूप में याद किया, जिन्होंने हमेशा श्रमिकों के अधिकारो के लिए लड़ाई लड़ी।