महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद कहा कि सीएए से डरने की जरूरत नहीं है और एनपीआर से किसी को भी देश से बाहर नहीं निकाला जाएगा। शिवसेना प्रमुख ठाकरे ने कहा कि देश में डर का माहौल बनाया जा रहा है कि राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) मुसलमानों के लिए खतरनाक है।
ठाकरे ने प्रधानमंत्री के साथ लगभग एक घंटे तक चली मुलाकात के बाद कहा कि उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और एनआरसी पर चर्चा की।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री व शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर मुलाकात की। इस दौरान उनके बेटे आदित्य ठाकरे भी मौजूद थे। आदित्य महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भी हैं। भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने के बाद उद्धव ठाकरे की पीएम मोदी से यह दूसरी मुलाकात हुई।
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद उद्धव ने कहा
- पीएम से संशोधित नागरिकता कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) पर चर्चा हुई।
- मैंने इन मुद्दों पर अपना रुख साफ कर दिया है।
- किसी को सीएए से डरने की जरूरत नहीं है।
- राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) किसी को देश से बाहर नहीं करेगी।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र सरकार को हर तरह का सहयोग देने का वादा किया है।
- गठबंधन सहयोगियों के बीच कोई मतभेद नहीं, हम महाराष्ट्र सरकार पांच साल तक चलाने वाले हैं।
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मिलने पहुंचे। उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की और सहयोग के लिए धन्यवाद किया। मुलाकात के दौरान ठाकरे के पुत्र और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे भी थे। पहली बार शिवसेना का कोई प्रमुख कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर पहुंचा।
सूत्रों के मुताबिक इस मुलाकात के दौरान ठाकरे ने सहयोग के लिए सोनिया का धन्यवाद किया और राज्य सरकार के अब तक कुछ कदमों और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। सोनिया और उद्धव की मुलाकात उस वक्त हुई है जब वीर सावरकर, एनआरसी व एनपीआर और भीमा-कोरेगांव जैसे मामलों को लेकर शिवसेना और कांग्रेस के नेता हाल के दिनों में अलग अलग ध्रुव पर नजर आए हैं।
इसके बाद ठाकरे ने लालकृष्ण आडवाणी से भी मुलाकात की। इसके अलावा दोनों गृह मंत्री अमित शाह से भी मिले।
सीएम पद पर ठनी थी
गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद भाजपा और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर काफी तल्खी आ गई थी। शिवसेना ने गठबंधन से अलग होते हुए कांग्रेस, राकांपा के साथ मिलकर राज्य में सरकार बनाई।
पहली मुलाकात पुणे में हुई थी
शिवसेना और भाजपा गठबंधन टूटने के बाद पीएम मोदी से उद्धव की पहली बार मुलाकात पुणे में पुलिस महानिदेशक परिषद को संबोधित करने पहुंचने के दौरान हुई थी। उस समय प्रोटोकॉल और शिष्टाचार के तहत उद्धव ठाकरे ने एयरपोर्ट पर मोदी का स्वागत किया था और फिर मुंबई लौट आए थे। लेकिन उसके बाद दोनो के बीच कोई अधिकारिक बातचीत नहीं हुई।
आमतौर पर किसी राज्य में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री अगले कुछ दिनों में ही प्रधानमंत्री से मुलाकात कर उनके समक्ष राज्य की समस्याओं पर चर्चा करता है। उद्धव ठाकरे ने भी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद व्यंग्यात्मक लहजे में कहा था कि वह जल्द ही बड़े भाई नरेंद्र मोदी से मिलने जाएंगे, क्योंकि वे मुझे छोटा भाई मानते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उद्धव ठाकरे की मुलाकात राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात में उद्धव ठाकरे राज्य के किसानों की कर्ज माफी सहित राज्य की विभिन्न परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से मदद मांग सकते हैं।