फडणवीस ने कहा कि मैंने मुंबई विश्वविद्यालय से सावरकर की बैरिस्टर डिग्री को बहाल करने के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा है, जिसे अंग्रेजों ने अन्यायपूर्ण तरीके से रद्द कर दिया था।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उनकी सरकार ब्रिटेन के प्राधिकारियों के साथ काम कर महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर सावरकर की बैरिस्टर की डिग्री बहाल कराएगी। हिंदुत्व विचारक वीर सावरकर की 142वीं जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में महाराष्ट्र के सीएम ने यह बात कही।
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आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा कि मैंने मुंबई विश्वविद्यालय से सावरकर की बैरिस्टर डिग्री को बहाल करने के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा है, जिसे अंग्रेजों ने अन्यायपूर्ण तरीके से रद्द कर दिया था। 27 मई को मुंबई विश्वविद्यालय में स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर शोध एवं अध्ययन केंद्र का उद्घाटन करने के बाद फडणवीस ने कहा, वीर सावरकर सिर्फ एक व्यक्ति नहीं थे, वे एक आंदोलन थे। वे अपने आप में एक संस्था थे। एक प्रज्वलित आत्मा जो आज भी लोगों के मन में जोश भर देती है।
फडणवीस ने कहा कि सावरकर का जीवन, उनकी बहादुरी और उनकी बुद्धि और क्रांतिकारी विचारों ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया। फडणवीस ने कहा कि अंग्रेज उनके विचारों से जितना डरते थे, उतना ही उनकी कलम से भी डरते थे और उन्हें 'सबसे खतरनाक क्रांतिकारी' कहते थे। उन्होंने कहा कि अंडमान की सेल्युलर जेल के अंधेरे में भी उनकी आत्मा अडिग रही और रिहाई के बाद भी सावरकर ने डॉ. बी.आर. आंबेडकर के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जातिगत भेदभाव के खिलाफ लड़ाई लड़ी और सामाजिक समानता को कायम रखा।
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लंदन में कानून की पढ़ाई के दौरान सावरकर क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल हो गए थे। इसका पता चलने पर ब्रिटिश अधिकारियों ने सावरकर को बैरिस्टर की डिग्री देने से इन्कार कर दिया था और बाद में उन्हें कालापानी की सजा दे दी थी।