फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra Civic Polls: निकाय चुनाव में कहीं साथ तो कहीं अलग महायुति; पुणे-लातूर और जालना में ऐसे हैं हालात

Wed, 31 Dec 2025 02:26 AM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे/लातूर/जालना

सार

महाराष्ट्र निकाय चुनाव में महायुति की एकता शहर-दर-शहर बदल रही है और 15 जनवरी को कई जगह मुकाबला बहुकोणीय होने वाला है। कई शहरों में पुरानी साझेदारी की डोर कहीं बंधी है, कहीं ढीली दिख रही है। कुल मिलाकर राजनीति की हवा हर शहर में अलग सुर में बह रही है।
विज्ञापन
देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और अजित पवार - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों से पहले महायुति (भाजपा-शिवसेना-एनसीपी) की एकता जगह-जगह अलग-अलग रंग दिखा रही है। पुणे में जहां गठबंधन बनाए रखने के दावे हो रहे हैं, वहीं लातूर और जालना में सहयोगी दल अलग राह पकड़ते नजर आ रहे हैं। राज्य में निकाय चुनाव के लिए 2 जनवरी तक नाम वापसी का समय है। तब तक कुछ शहरों में समझौते की गुंजाइश बाकी है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - BEST Bus Accident: 'बस में नहीं थी कोई तकनीकी खराबी', बेस्ट बस हादसे को लेकर अधिकारियों ने किया ये बड़ा दावा

पुणे में गठबंधन कायम, सीटों पर खींचतान
पुणे नगर निगम (पीएमसी) की 165 सीटों को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाई है। स्थानीय स्तर पर गठबंधन टूटने की चर्चाएं रहीं, लेकिन शिवसेना मंत्री उदय सामंत ने साफ कहा कि 29 नगर निगमों के लिए गठबंधन पूरी तरह कायम है। उनका कहना है कि दोनों दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों को एबी फॉर्म दिए हैं और 2 जनवरी (नाम वापसी की अंतिम तारीख) तक सीटों पर फैसला हो सकता है। भाजपा नेताओं ने भी भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बातचीत से रास्ता निकालेंगे।
विज्ञापन


लातूर में भाजपा अकेले मैदान में
लातूर नगर निगम (एलएमसी) में महायुति की दरार खुलकर सामने आ गई। भाजपा ने सभी 70 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का एलान किया है। भाजपा नेता संभाजीराव पाटील निलंगेकर ने कहा कि एनसीपी के साथ गठबंधन की कोशिशें हुईं, लेकिन स्थानीय स्तर पर कुछ नेताओं के हस्तक्षेप से बात बिगड़ गई। उनका दावा है कि भाजपा पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Bengal SIR: बंगाल में बुजुर्ग मतदाताओं के लिए घर पर सुनवाई की मांग, टीएमसी नेताओं ने CEO से की मुलाकात

जालना में तीनों दल अलग-अलग
जालना नगर निगम (जेएमसी) में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी तीनों ने अलग-अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया है। एनसीपी ने आरोप लगाया कि उसे नजरअंदाज किया गया, इसलिए वह अकेले मैदान में उतरी है। नामांकन के आखिरी दिन भाजपा और शिवसेना ने सभी 65 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। उधर, विपक्षी महाविकास आघाड़ी (कांग्रेस, शिवसेना-यूबीटी, एनसीपीए-एसपी) ने सीटों का बंटवारा तय कर लिया है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें