महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2023-24 के लिए राज्य का बजट पेश किया। यह एकनाथ शिंदे सरकार का पहला बजट है। इससे पहले बुधवार को मीडिया से बात करते हुए सीएम शिंदे ने कहा कि गुरुवार को हमारा पहला बजट पेश होगा। इसमें हम अपने वादे पूरे करेंगे। उन्होंने कहा कि हर कोई अनुमान लगा रहा है कि बजट उनके लिए क्या मायने रखता है। मैं आपको बता सकता हूं कि यह बजट महिलाओं और मध्यम वर्ग की जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करेगा।
फडणवीस ने दोपहर 2 बजे राज्य विधानमंडल के निचले सदन में बजटीय आवंटन की जानकारी देना शुरू किया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक पेपर दस्तावेज़ के बजाय iPad से बजटीय प्रावधानों को पढ़ा। गौरतलब है कि ऐसा पहली बार हुआ है जब देवेंद्र फडणवीस ने राज्य का बजट पेश किया है। दरअसल, डिप्टी सीएम पद के साथ ही फडणवीस के पास वित्त विभाग भी है। 2014-19 के बीच मुख्यमंत्री के रूप में फडणवीस के कार्यकाल के दौरान, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार वित्त मंत्री थे।
बजट पेश करने के दौरान, फडणवीस ने कहा कि किसानों के लिए परिव्यय में 6,900 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है और सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना महात्मा फुले जन आरोग्य योजना का कवरेज 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं, राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने विधान परिषद में बजट प्रस्ताव पढ़े। महाराष्ट्र सरकार ने 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के राज्य के आर्थिक विकास को 11 प्रतिशत की दर से बढ़ाना होगा।
निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं की घोषणा की उम्मीद
साथ ही फडणवीस 75,0000 सरकारी पदों को भरने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करने को लेकर भी घोषणाएं कर सकते हैं। इसके अलावा राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी नई योजनाओं की घोषणा की जा सकती है। वित्त मंत्री फडणवीस बजट घाटे को कम करने को लेकर भी कदम उठा सकते हैं। क्योंकि पिछले साल महाविकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार की ओर से वित्त मंत्री अजीत पवार ने 24 हजार करोड़ रुपये के घाटे का बजट पेश किया था।
आर्थिक सर्वे में 6.8% की रफ्तार से अर्थव्यवस्था बढ़ने की उम्मीद
डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को विधानसभा में साल 2022-23 के लिए महाराष्ट्र आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया था। इसमें अनुमान लगाया गया है कि साल 2022-23 के दौरान राज्य की अर्थव्यवस्था के 6.8 प्रतिशत और भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.0 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2022-23 में राजकोषीय घाटा 2.5% रहने की उम्मीद जताई गई है। इसके अलावा राज्य के लिए कृषि और संबद्ध गतिविधियों के क्षेत्र में 10.2 प्रतिशत, उद्योग क्षेत्र में 6.1 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है।