पुणे के MIT वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी में आयोजित वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब बांग्लादेशी फूड स्टॉल में कथित रूप से तोड़फोड़ की गई और बांग्लादेश का राष्ट्रीय ध्वज जला दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और विश्वविद्यालय प्रशासन औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में है।
महाराष्ट्र के पुणे स्थित निजी विश्वविद्यालय MIT वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (MIT-WPU) में आयोजित वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल के दौरान बांग्लादेशी फूड स्टॉल में कथित तौर पर तोड़फोड़ और बांग्लादेश का राष्ट्रीय ध्वज जलाने की घटना सामने आई है। इस मामले में भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगे हैं।
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जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न देशों के छात्रों ने अपने-अपने फूड स्टॉल लगाए थे। इसी दौरान बांग्लादेशी स्टॉल पर लगाए गए राष्ट्रीय ध्वज को लेकर विवाद शुरू हो गया।
स्टॉल में तोड़फोड़ की गई और झंडा जलाया गया
बीजेवाईएम के पुणे शहर अध्यक्ष दुष्यंत मोहोल ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि कुछ स्थानीय छात्रों ने स्टॉल पर लगे बांग्लादेशी झंडे को हटाने की मांग की थी। उनका आरोप है कि बांग्लादेश के भारत विरोधी रुख के कारण यह आपत्ति जताई गई। मोहोल के अनुसार, झंडा हटाने के बजाय दूसरा झंडा लगाए जाने से विवाद बढ़ गया, जिसके बाद स्टॉल में तोड़फोड़ की गई और झंडा जलाया गया। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग स्टॉल में तोड़फोड़ करते और बांग्लादेश विरोधी नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं।
घटना की जांच जारी
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। MIT-WPU के रजिस्ट्रार गणेश पोकले ने कहा कि कुछ अनधिकृत लोग परिसर में घुस आए थे और विश्वविद्यालय पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल का उद्देश्य सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करना और अंतरराष्ट्रीय छात्रों को मंच प्रदान करना है।
कोथरुड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक संदीप देशमाने ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है, हालांकि अभी तक विश्वविद्यालय की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। बताया जा रहा है कि अगले दिन भी बीजेवाईएम कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से सड़क पर बांग्लादेश का झंडा बनाकर नारेबाजी की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि वह परिसर में सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी वातावरण बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।