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महाराष्ट्र : राज के जरिये भाजपा निकालेगी उद्धव का कांटा, मनसे संग गठबंधन पर बनी सहमति, 14 जून को हो सकती है घोषणा

Fri, 29 Apr 2022 06:18 AM IST
योगेश साहू हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली। 

सार

मनसे प्रमुख ने ट्वीट किया, धार्मिक स्थलों, खासकर मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने को लेकर मैं योगी सरकार को पूरे दिल से बधाई देता हूं। मैं उनके इस फैसले में पूरी तरह उनके साथ खड़ा हूं। दुर्भाग्य से महाराष्ट्र में कोई योगी नहीं है। हमारे पास सिर्फ सत्ता के भोगी हैं। मैं ईश्वर से उन्हें सदबुद्धि देने की प्रार्थना करता हूं।
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मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे - फोटो : Facebook
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विस्तार
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महाराष्ट्र में भाजपा ने शिवसेना को पटखनी देने के लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का इस्तेमाल करने की तैयारी कर ली है। कई दौर की बातचीत के बाद दोनों दलों में गठबंधन पर सहमति बन चुकी है। इसकी घोषणा 14 जून को की जा सकती है। गठबंधन को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी हरी झंडी दे दी है। भाजपा सूत्रों ने बताया कि गठबंधन से जुड़ी सभी बाधाएं दूर हो गई हैं।

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मनसे को भाजपा मुंबई और पुणे में कुछ सीटें देगी। शेष राज्य में भाजपा अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। इस संदर्भ में अंतिम अहम बैठक 21 अप्रैल को हुई। इसमें संघ के लोग भी मौजूद थे। इसी बैठक में गठबंधन पर सैद्धांतिक सहमति बनी। सीटों के बंटवारे सहित कुछ अन्य सवाल पर बाद में फैसला होगा। इसके लिए दोनों दलों के बीच कुछ और बैठकें होंगी।



योगी की तारीफ से मिला संकेत...
मनसे प्रमुख राज ठाकरे इन दिनों महाराष्ट्र में धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों को लेकर महाविकास अघाड़ी सरकार पर हमलावर हैं। महाराष्ट्र सरकार ने मामले में केंद्र सरकार के स्तर पर निर्णय लेने की बात कही है। राज ने इसकी आलोचना करते हुए इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के साथ राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की।
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मनसे प्रमुख ने ट्वीट किया, धार्मिक स्थलों, खासकर मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने को लेकर मैं योगी सरकार को पूरे दिल से बधाई देता हूं। मैं उनके इस फैसले में पूरी तरह उनके साथ खड़ा हूं। दुर्भाग्य से महाराष्ट्र में कोई योगी नहीं है। हमारे पास सिर्फ सत्ता के भोगी हैं। मैं ईश्वर से उन्हें सदबुद्धि देने की प्रार्थना करता हूं।

शिवसेना से बनती-बिगड़ती रही है बात...
दरअसल राज्य में भाजपा बड़े भाई की भूमिका निभाना चाहती है जो शिवसेना को मंजूर नहीं है। तल्ख-नरम रिश्ते के बीच दोनों दलों ने बीते लोकसभा चुनाव में गठबंधन किया था। बीते विधानसभा चुनाव में भी दोनों दल साथ थे। हालांकि नतीजे आने के बाद शिवसेना मुख्यमंत्री पद को लेकर अड़ गई और बाद में गठबंधन तोड़कर कांग्रेस-राकांपा से हाथ मिला लिया। उद्धव ठाकरे बतौर मुख्यमंत्री इस सरकार की अगुवाई कर रहे हैं।

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