प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख नाना पटोले की आपत्तिजनक टिप्पणी पर पिछले एक हफ्ते से विवाद जारी है। इस विवाद पर सोमवार को महाराष्ट्र में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख की निगरानी करनी चाहिए और उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का भी ख्याल रखना चाहिए।
गौरतलब है कि पटोले को एक हालिया वीडियो में पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहते सुना गया था। उन्होंने इसमें 'मोदी' को पीटने की बात भी कही थी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने बयान पर सफाई दी थी और कहा था कि वे भंडारा के एक गुंडे की बात कर रहे थे, न कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने पटोले पर निशाना साधते हुए दावा किया कि कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने किसी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ टिप्पणी करने की नीति तैयार की है जो शीर्ष पर है और इस रणनीति के तहत पटोले ऐसे बयान देते रहते हैं। पाटिल ने कहा, “हम देखेंगे कि पीएम मोदी के खिलाफ उनकी (पटोले की) टिप्पणियों के लिए क्या करने की आवश्यकता है, लेकिन कांग्रेस को उन्हें निगरानी में रखना चाहिए। उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की जांच होनी चाहिए। पटोले इस बात का एक अच्छा उदाहरण है कि ऐसी टिप्पणी करने के लिए कोई किस स्तर तक गिर सकता है।”
शिवसेना पर साधा जबरदस्त निशाना
पाटिल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के उस भाषण को भी नकार दिया, जिसमें कहा गया था कि भाजपा के साथ 25 साल का गठबंधन समय की बर्बादी है। उन्होंने कहा कि यह भाषण शिवसेना प्रमुख की हताशा को दर्शाता है। पाटिल ने कहा, “उनका भाषण उग्र था और यह हताशा के कारण था। हमें मत बताएं कि आपने हिंदुत्व छोड़ दिया है या नहीं, जाइए और (नई सहयोगी) कांग्रेस को बताइए। अल्पसंख्यकों को दृढ़ विश्वास के साथ बताएं कि हमें वोट नहीं मिले तो ठीक है, लेकिन हमारा हिंदुत्व मजबूत है।”
आदित्य ठाकरे के बयान पर भी पलटवार
मंत्री आदित्य ठाकरे के एक बयान कि राज्यपाल का घर भाजपा नेताओं के लिए एक ‘अड्डा’ बन गया है का जवाब देते हुए पाटिल ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री किसी ऐसे व्यक्ति से मिलने के लिए तैयार नहीं हैं जो किसी राष्ट्रीय पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष है, तो उसे राज्यपाल के पास ही जाना होगा, जो राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है। पाटिल ने कहा, “यहां पुणे में एक कोविड समीक्षा बैठक को छोड़कर, मैं पिछले 27 महीनों में मुख्यमंत्री से नहीं मिला हूं। हमने बहुत कोशिश की लेकिन वह कभी नहीं मिले।”
अनशन पर बैठे भाजपा नेताओं को पुलिस ने उठाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले के कथित आपत्तिजनक बयान के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पटोले के आपत्तिजनक बयान से नाराज भाजपा का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। वहीं, बुधवार को नाना पटोले की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुंबई भाजपा अध्यक्ष और विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा के नेतृत्व में पार्टी के नेताओं ने मंत्रालय के सामने अनशन शुरू किया, लेकिन कुछ देर बाद ही पुलिस ने उन्हें जबरन हिरासत में ले लिया।
लोढा ने राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से मिलकर प्रधानमंत्री मोदी को मारने और उन्हें गाली देने वाले बयान को लेकर नाना पटोले की गिरफ्तारी की मांग की थी। वहीं, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष माधव भंडारी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी पर अपमानजनक टिप्पणी को लेकर नाना पटोले के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्यभर में 100 से अधिक स्थानों पर शिकायत दर्ज कराई है। भंडारी ने कहा कि पटोले पर जब तक कार्रवाई नहीं की जाएगी तब तक भाजपा का आंदोलन जारी रहेगा।