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महाराष्ट्र: सिर्फ दो दिन का होगा शीतकालीन सत्र, फडणवीस बोले- चर्चा से भाग रही है सरकार

Thu, 03 Dec 2020 08:55 PM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
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देवेंद्र फडणवीस - फोटो : ANI
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देश में कोरोना महामारी से सर्वाधिक प्रभावित महाराष्ट्र में इस साल विधानमंडल का शीतकालीन सत्र दो दिनों का होगा। यह सत्र 7 दिसंबर के बजाय 14 दिसंबर से शुरू होगा। बृहस्पतिवार को राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों की हुई कामकाज सलाहकार समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसमें विधान परिषद सभापति रामराजे नाईक निंबालकर, विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत दोनों सदनों के विपक्ष के नेता मौजूद थे।

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प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री अनिल परब ने कहा कि सूबे में कोरोना संकट कम नहीं हो रहा है। ऐसी स्थिति में विधानमंडल का सत्र ज्यादा दिनों तक के लिए आयोजित करना उचित नहीं होगा। परब ने कहा कि बैठक में विपक्ष ने दो सप्ताह का सत्र आयोजित करने की मांग थी। लेकिन कोरोना के कारण दो दिन का सत्र आयोजित करने का फैसला लिया गया है। 

इस साल नागपुर की जगह पर मुंबई में होगा सत्र
उन्होंने बताया कि दो दिवसीय सत्र के पहले दिन 14 दिसंबर को शोक प्रस्ताव, पूरक मांगों और अध्यादेश के प्रस्ताव को सदन के पटल पर रखा जाएगा। जबकि 15 दिसंबर को पूरक मांगों पर चर्चा और मंजूरी के बाद अधिवेशन का सत्रावसान हो जाएगा। बता दें कि राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र परंपरागत रूप से महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर में आयोजित होता रहा है। लेकिन कोरोना संकट के कारण इस साल मुंबई में ही सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
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चर्चा से भाग रही है सरकारः फडणवीस
विधान सभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यदि विधायक कोरोना जांच कराकर सदन में आते हैं तो कम से कम दो सप्ताह का शीतकालीन सत्र आयोजित किया जाना चाहिए। लेकिन सरकार ने हमारी मांगें नहीं मानीं। दो दिन का सत्र बुलाने से साफ है कि सरकार चर्चा से भाग रही है। सरकार सभी गतिविधियों को शुरू करने के लिए अनलॉक कर रही है, ऐसे में अधिवेशन पर पाबंदी लगाना उचित नहीं है।

फडणवीस ने कहा कि राज्य के किसानों के सामने अभूतपूर्व संकट है। चक्रवात, बाढ़ और फसलों में कीड़े लगने के कारण किसानों की फसलें चौपट हो गई हैं। इसके अलावा मराठा आरक्षण, ओबीसी, महिला अत्याचार समेत कई मुद्दों पर सदन में चर्चा होना जरूरी है। फडणवीस ने कहा कि हमारी मांग है कि विधानमंडल का बजट सत्र नागपुर में आयोजित किया जाए।
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