महाराष्ट्र विधानसभा ने बुधवार को राज्य में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण 10 साल बढ़ाने के प्रस्ताव को पारित कर दिया। विधेयक पारित करने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया था। पिछले साल दिसंबर में संसद ने 126वें संशोधन के रूप में यह प्रस्ताव पारित किया था।
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के संक्षिप्त भाषण के बाद विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले ने प्रस्ताव सदन में रखा, जिसका उपमुख्यमंत्री अजित पवार, कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल और विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने अनुमोदन किया।
सदन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया। लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और एंग्लो-इंडियंस को मिल रहा आरक्षण 25 जनवरी, 2020 को खत्म हो रहा है। इसे बहाल करने के लिए संविधान संशोधन की जरूरत थी।