रिश्वत व मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख 100 करोड़ वसूली मामले में सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर में पेश हुए। देशमुख को इसके पहले करीब पांच बार ईडी की तरफ से नोटिस भेजा गया था। लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए थे। वहीं सोमवार को ईडी के दफ्तर में पेश होने से पहले उन्होंने एक लेटर जारी करते हुए ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने लिखा कि 'सत्यमेव जयते' यानी सत्य की जीत होगी।
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय में प्रवेश करने से ठीक पहले सोमवार को आईपीएस परमवीर सिंह द्वारा अपने खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों का खंडन किया।
देशमुख ने ट्वीट किया, लिखा 'सत्यमेव जयते'
एनसीपी नेता पांच समन भेजे जाने के बाद पेश हुए, जिसके बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने समन को रद्द करने की मांग की थी। ईडी कार्यालय पहुंचने से पहले देशमुख ने ट्वीट किया, सत्यमेव जयते। उसके बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए देशमुख ने आईपीएस परमबीर सिंह के संशोधन पर सवाल उठाया कहा, जिस व्यक्ति ने मेरे खिलाफ मामला दर्ज किया था वह फरार है।
ईडी ने देर रात अनिल देशमुख को किया गिरफ्तार
सोमवार देर रात ईडी ने 12 घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को गिरफ्तार किया है। इससे पहले ईडी ने देशमुख आठ घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की थी। देशमुख सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे दक्षिण मुंबई के बेलार्ड एस्टेट स्थित ईडी के दफ्तर पहुंचे। उसके बाद ईडी के सहायक निदेशक तासीन सुल्तान और उनकी टीम देशमुख से लगातार पूछताछ की।
ईडी के एक अधिकारी के मुताबिक महाराष्ट्र पुलिस में 100 करोड़ रुपये के कथित रिश्वत-सह-जबरन वसूली रैकेट में मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत देशमुख का बयान दर्ज किया गया है। ईडी ने मामले में देशमुख को पांच बार समन जारी किए, लेकिन वह एक बार भी पेश नहीं हुए थे।
देशमुख हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी संरक्षण की कोशिशें करते रहे और महीनों तक गायब रहे। बीते हफ्ते बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा ईडी के समन को रद्द करने से इनकार करने के बाद उनके पास जांच एजेंसी के सामने पेश होने के शिवाय कोई चारा नहीं बचा था।
मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने देशमुख पर मुंबई के जूनियर पुलिस अधिकारियों के जरिये पब, बार एवं रेस्टोरेंट से हर माह 100 करोड़ की वसूली का आदेश देने का आरोप लगाया था। इस मामले में हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच सौंपी है।
उसके बाद इस मामले में ईडी की एंट्री हुई। इस मामले में देशमुख के सहायक (पीए) कुंदन शिंदे और निजी सचिव (पीएस) संजीव पलांडे को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। आशंका थी कि देशमुख को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।