महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर पुलिस अधिकारियों के जरिए हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली के आरोप लगने के बाद अब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के करीबी मंत्री अनिल परब भी वसूली कांड में घिर गए हैं।
नासिक में आरटीओ इंस्पेक्टर ने दर्ज कराई शिकायत
नासिक के एक निलंबित आरटीओ इंस्पेक्टर ने परब पर परिवहन विभाग के अधिकारियों की ट्रांसफर व पोस्टिंग में 300 करोड़ रुपये की वसूली करने का आरोप लगाते हुए पंचवटी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद विपक्ष ने अनिल परब के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी है।
निलंबित आरटीओ इंस्पेक्टर गजेंद्र पाटिल ने शिकायत पत्र में परिवहन मंत्री अनिल परब, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अविनाश ढाकणे सहित पांच अधिकारियों के खिलाफ करोड़ों की वसूली का आरोप लगाया है। पाटिल की शिकायत के मुताबिक आरटीओ अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग के लिए करोड़ों रुपये की मोटी रकम अनिल परब के इशारे पर वसूली जाती थी।
इस तरह 250 से 300 करोड़ रुपये की वसूली की गई है। जानकारी के अनुसार यह शिकायत 15 मई को दी गई थी जिसमें कहा गया है कि इस वसूली रैकेट का मास्टरमाइंड वर्धा में तैनात डिप्टी आरटीओ बजरंग खरमाटे है, जो अनिल परब के इशारे पर ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के साथ मिलकर ट्रांसफर-पोस्टिंग का रैकेट चलाता है।
हालांकि इस आरोप के बाद पुलिस सीधे तौर पर एफआईआर दर्ज करने से बच रही है। लेकिन, शिकायत मिलने के 13 दिन बाद नासिक पुलिस आयुक्त दीपक पांडेय ने डीसीपी (क्राइम ब्रांच) को इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, अनिल परब ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
मंत्री पद से इस्तीफा दें परब : मनसे
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता संदीप देशपांडे ने कहा कि राज्य सरकार की वसूली 100 करोड़ से सीधे 300 करोड़ तक पहुंच गई है। यह बहुत ही गंभीर मामला है। वसूली के आरोप के मामले में अनिल परब को परिवहन मंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। क्योंकि उनके इस्तीफे के बिना इसकी निष्पक्ष जांच संभव नहीं है।