सिंधुदुर्ग पुलिस ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को अपने विधायक बेटे नितेश राणे को हत्या के प्रयास के मामले में पुलिस के सामने पेश करने के लिए एक नोटिस जारी किया है। इस मामले में नितेश राणे को आरोपी के रूप में नामित किया गया है। पुलिस सूत्रों ने कहा कि नारायण राणे को भी मामले के संबंध में अपना बयान दर्ज करने के लिए महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के कंकावली पुलिस स्टेशन में दोपहर तीन बजे उपस्थित होने के लिए कहा गया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने उनके आवास पर नोटिस चिपका दिया।
एफआईआर में राणे के बेटे का नाम है, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 120 (बी) (आपराधिक साजिश) के तहत दर्ज किया गया था। पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद नितेश का पता नहीं चल पाया। केंद्रीय मंत्री को नोटिस में पुलिस ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके द्वारा दिए गए एक बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि क्या वह बेवकूफ हैं जो अपने बेटे के ठिकाने का खुलासा करेंगे। विभिन्न समाचार पत्रों में ये बयान छपा था। इसे देखते हुए ऐसा लगता है कि केंद्रीय मंत्री नितेश राणे के ठिकाने के बारे में जानते हैं।
पुलिस ने नारायण राणे को नोटिस जारी कर उन्हें अपने बेटे को पेश करने को कहा है। नोटिस में कहा गया है कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मामले के संबंध में अपना बयान दर्ज करने को भी कहा है। कंकावली से भाजपा विधायक नितेश राणे ने हत्या के प्रयास के मामले में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर अपने खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से राहत की मांग की है। शिकायत एक व्यक्ति संतोष परब (44) पर कथित हमले से जुड़ी है।