राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने महाराष्ट्र में रायगढ़ जिले के इरशालवाडी में भूस्खलन से जुड़े तलाश व बचाव अभियान को बंद कर दिया है। महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत ने रविवार को बताया कि जिला प्रशासन, अन्य संबंधित प्राधिकारों और स्थानीय लोगों के साथ चर्चा करने के बाद यह फैसला लिया गया है।
57 लोगों के बारे में अब भी पता नहीं चल सका
जानकारी के मुताबिक, बुधवार को हुए भूस्खलन के बाद अब तक मलबे से 27 शव निकाले गए हैं। 57 लोगों के बारे में अब भी पता नहीं चल सका है। रविवार को मलबे में जब कोई शव नहीं मिला, तो अभियान को रोकने का फैसला किया गया। जिन लोगों के शव निकाले गए हैं, उनमें 12 पुरुष, 10 महिलाएं और चार बच्चे हैं। एक की अब तक शिनाख्त नहीं हो पाई है।
19 जुलाई को हुआ था भूस्खलन
बता दें कि गांव में 19 जुलाई को रात करीब 10.30 बजे हुए भूस्खलन के चलते कम से कम 17 मकान मलबे के नीचे दब गए थे। गांव में कुल 48 घर थे। एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों ने इरशालवाडी में शनिवार शाम खराब मौसम के चलते तलाश व बचाव अभियान बंद कर दिया था। चौथे दिन रविवार को इसे फिर से शुरू किया गया।
विदर्भ में 10 दिन में 16 लोगों की मौत
- इस बीच विदर्भ क्षेत्र में 10 दिन में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश के चलते कम से कम 4,500 मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
- प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, नागपुर मंडल में 13 जुलाई से अब तक बाढ़ और बिजली गिरने की घटनाओं में 11 लोगों की मौत हुई है। गढ़चिरौली और भंडारा में तीन-तीन, वर्धा और गोंदिया में दो-दो तथा चंद्रपुर में एक व्यक्ति की मौत हुई है।
- इसी तरह अमरावती मंडल में 21 जुलाई को एक दिन में चार लोगों की मौत हुई, जिसमें यवतमाल में हुई तीन लोगों की हुई मौत भी शामिल है। अकोला और बुलढाणा में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई।
- दरअसल, विदर्भ के 11 जिलों को दो मंडल में बांटा गया है- अमरावती और नागपुर। नागपुर मंडल में नागपुर, गोंदिया, भंडारा, चंद्रपुर, गढ़चिरौली और वर्धा जिले हैं, जबकि अमरावती मंडल में अमरावती, अकोला, यवतमाल, वाशिम और बुलढाणा शामिल हैं।
- विदर्भ के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिन से भारी बारिश हो रही है।
भारी बारिश से निपटने के लिए सरकार सतर्क: फडणवीस
इस बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार भारी बारिश के कारण होने वाली समस्याओं से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है। राज्य के कुछ हिस्सों में केवल दो से तीन दिनों में 15 से 20 दिनों की औसत बारिश हुई है। जिन इलाकों में भारी बारिश की आशंका है, वहां के प्रशासन को मौसम विभाग की चेतावनी भेजी जा रही है। जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की कई टीम को तुरंत तैनात किया जा रहा है।