महाराष्ट्र सरकार ने उचित मार्गदर्शन और कानूनी सहायता प्रदान करके कोविड-19 के कारण अपने पतियों को खोने वाली महिलाओं के पुनर्वास और विरासत अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए राज्य में जिला टास्क फोर्स के दायरे का विस्तार किया है। राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री यशोमती ठाकुर ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि अधिकारी इस बात की भी जांच करेंगे कि क्या ऐसी विधवाएं घरेलू हिंसा का सामना कर रही हैं।
16,627 महिलाओं ने कोरोना के कारण अपने पति खोए
पिछले साल मार्च से अब तक 16,627 महिलाओं ने कोरोना के कारण अपने पति खो दिए हैं। मंत्री के अनुसार, जिला टास्क फोर्स के पास उनमें से 16,516 की सूची है। ठाकुर ने कहा कि उनके विभाग को ऐसी विधवाओं को उनकी संपत्ति और विरासत के अधिकारों से वंचित करने के बारे में कई शिकायतें मिली हैं। इसलिए जिला टास्क फोर्स का दायरा बढ़ाया जाएगा। ऐसी महिलाओं को उनके अधिकारों और वित्तीय मामलों के बारे में मार्गदर्शन दिया जाएगा और कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी।
ठाकुर ने कहा कि कुछ महीने पहले महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई मिशन वात्सल्य योजना के तहत सरकारी अधिकारियों की एक टीम को कोविड-19 से प्रभावित परिवारों का दौरा करने और यह जांचने की जिम्मेदारी दी गई थी कि क्या इन विधवाओं को उनकी संपत्ति और विरासत के अधिकारों से वंचित किया गया है। और क्या वे कहीं घरेलू हिंसा का सामना को नहीं कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि अधिकारी मासिक रिपोर्ट कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स को सौंपेंगे, जो ऐसे सभी मामलों की निगरानी और समीक्षा करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि महिलाओं को न्याय मिले।